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लखनऊ के रेलवे स्टेशन को आधुनिक बनाने में रोबोट निभाएंगे अहम भूमिका, करेंगे ये सब काम

Tue, 21 Aug 2018 10:52 AM IST
नीरज ‘अम्बुज’, अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : डेमो
लखनऊ के गोमतीनगर रेलवे स्टेशन को अत्याधुनिक बनाने में रोबोट भी अहम भूमिका निभाएंगे। इसके लिए कंस्ट्रक्शन रोबोट्स की सहायता ली जाएगी। फिलहाल रोबोटों से स्टेशन की 40 एकड़ जमीन की पैमाइश की गई है। निर्माण कार्य में रोबोटिक ड्रोन उपयोग करने पर प्रयोग शुरू हो गए हैं।
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- फोटो : डेमो
पूर्वोत्तर रेलवे के गोमतीनगर स्टेशन को 1,910 करोड़ रुपये से अत्याधुनिक बनाया जा रहा है। इसके लिए इसकी खाली पड़ी जमीन पर काम शुरू हो गया है। रेलवे भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) व नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (एनबीसीसी) स्टेशन का पुनर्विकास कर रही है।
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- फोटो : डेमो
पहला स्टेशन, जहां रोबोट का इस्तेमाल
गोमतीनगर देश का पहला स्टेशन होगा, जहां निर्माण कार्य में रोबोटों की मदद ली जा रही है। इसके लिए युवा इनोवेटर मिलिंद राज का सहयोग लिया गया है। पैमाइश के सफल प्रयोग के बाद निर्माण कार्य में रोबोट्स और खासतौर से ड्रोन तकनीक आधारित रोबोटों के इस्तेमाल पर बातचीत शुरू हुई है। इसके ट्रायल लखनऊ, चेन्नई और दिल्ली स्थित रेलवे की निर्माण साइट्स पर चल रहे हैं। यहां सफलता के बाद गोमतीनगर स्टेशन के निर्माण में इनका उपयोग होगा।

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डेमो - फोटो : डेमो
इस तरह की पैमाइश
मिलिंद ने बताया कि उनके रोबोट ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की मदद से जमीन को स्कैन करते हुए खाका तैयार किया। सामने आए आंकड़ों को परत दर परत ढाला और रिपोर्ट बनाई। करीब डेढ़ महीने पहले गोमतीनगर स्टेशन पर खाली पड़ी जमीन की पैमाइश में रोबोट की मदद ली गई। इसने समस्त जमीन को मापते हुए, प्रस्तावित निर्माण कार्यों के अनुसार पूरे जोन का खाका सटीकता से तैयार किया।
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- फोटो : डेमो
दावा : ईंट भी उठा सकते हैं
पैमाइश के साथ ड्रोन युक्त रोबोट ईंट उठाने और इमारतें पेंट करने का भी काम कर सकते हैं। मिलिंद का दावा है कि कंस्ट्रक्शन रोबोट्स का इस्तेमाल स्टेशन के निर्माण कार्य में होता है तो न केवल काम तय समय से पहले पूरा करने में मदद मिलेगी, बल्कि इस दौरान होने वाली दुर्घटनाओं पर भी अंकुश लगेगा। यही रोबोट्स का असली योगदान है। इन रोबोट्स को महज 60 मिनट में फुल चार्ज किया जा सकता है, जिससे ये डेढ़ घंटे से अधिक समय तक काम करते हैं। रोबोट्स की क्षमता 65 किलो तक वजन उठाने की है।
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डेमो - फोटो : डेमो
ऐसे भव्य बनेगा गोमतीनगर स्टेशन
गोमतीनगर स्टेशन पर प्रस्थान द्वार पहले तल पर होगा, जहां कार से पहुंचा जा सकेगा। आगमन ग्राउण्ड फ्लोर पर होगा। वहीं, करीब 20 एस्केलेटर व लिफ्टें होंगी। फूड कोर्ट व बजट होटल भी बनेंगे। इससे यात्रियों की क्षमता पांच गुना से अधिक बढ़ जाएगी। स्टेशन के भीतर यात्रियों के ठहरने के लिए भी पर्याप्त जगह होगी।
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डेमो - फोटो : डेमो
इस्तेमाल में आसान रोबोट्स 
मजदूर भी कर सकेंगे ऑपरेट
मिलिंद राज ने बताया कि इन रोबोट्स से मजदूर भी काम ले सकेंगे। इसके लिए इंजीनियरों की जरूरत नहीं पड़ेगी। मजदूर हरे और लाल बटन से इन्हें दिशानिर्देश दे सकेंगे। इसके लिए उन्हें ट्रेनिंग भी दी जाएगी।
अवधी, भोजपुरी में भी लेंगे कमांड
इन रोबोट्स को ऐसे तैयार किया गया है कि उन्हें अंग्रेजी बोलने वाले अधिकारियों से लेकर क्षेत्रीय भाषा बोलने वाले मजदूर तक इस्तेमाल कर सकेंगे। वे अवधी व भोजपुरी में भी निर्देश दे सकेंगे। इसके अनुरूप रोबोटों की प्रोग्रामिंग की जा रहा है। इसके लिए रोबोट्स कुछ सवाल मजदूर से पूछेगा, जैसे विभिन्न कार्यों के लिए वे किन शब्दों से आदेश देते हैं, क्या कहते हैं आदि। इन निर्देश को रोबोट्स अपने ग्रेड 1 एआई के जरिए दर्ज करेंगे। अगली बार जब मजदूर वे शब्द कहेंगे तो मजदूर निर्देश का पालन करेगा।
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नहीं घटेगा रोजगार, बढ़ेगी सुरक्षा
मिलिंद का कहना है कि इन रोबोट्स से रोजगार नहीं घटेगा। इन्हें मजदूर ही ऑपरेट करेंगे। हां, यह जरूर होगा कि काम में तेजी बढ़ेगी। जो काम सालभर में होना है, उसे सात-आठ महीने में ही पूरा किया जा सकेगा। इसके अलावा निर्माण के दौरान होने वाले हादसों पर रोक लगेगी।
रोबोट्स से बढ़ेगी कार्यक्षमता
कुछ देशों में रोबोटों का इस्तेमाल निर्माण क्षेत्र में किया जा रहा है। इससे कार्यक्षमता बढ़ी है। एनबीसीसी से इस बारे में संभावना तलाशने के लिए जानकारी हासिल की जाएगी। -  राकेश गोयल, उपाध्यक्ष, आरएलडीए
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