लॉकडाउन में राशन वितरण कर रहीं आवासीय कल्याण समितियां
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अपनी जेब से दिए दो हजार रुपये
गोमती नगर विस्तार महासमिति के सचिव उमाशंकर दुबे ने बताया कि एक बार विस्तार में एक मॉल में करीब तीन दिन से भूखे मजदूर मिले। एलडीए से शिकायत कर उनको बिल्डर से राशन दिलवाना शुरू कराया। एक कॉल गोमती नगर से आई। फ़ोन पर मदद मांगी गई, लेकिन तबियत ठीक नहीं होने से जाने का मन नहीं था। इसके बाद भी सहायता के लिए उसे गोमती नगर स्टेशन के पास बुला लिया। पहले मुझे लगा कि कोई मजदूर होगा, लेकिन देखने में वे ठीकठाक लगे। मैंने उनसे कहा कि जिन्हें राशन देना है उसे बुलाइए। उन्होंने बताया कि वह ओला कंपनी में अपनी गाड़ी चलवाते हैं। उनकी दो गाड़ियां हैं। घर में किसी चीज की तकलीफ नहीं, लेकिन इस बीच पैसे समाप्त हो गए हैं। घर में चावल, दाल, आटा आदि सब कुछ है। मगर बच्चे के लिए दूध नहीं है। मैंने उन्हें दो हजार रुपये दिए।