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जरूरतमंदों के लिए मददगार बनीं आवासीय कल्याण समितियां. लॉकडाउन में किसी को राशन तो किसी को पहुंचा रहे घर

Sat, 02 May 2020 04:17 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
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लॉकडाउन में राशन वितरण कर रहीं आवासीय कल्याण समितियां - फोटो : अमर उजाला
कोरोना संक्रमण के बीच आवासीय कल्याण समितियां (आरडब्लूए) अपने अधूरे कामों की शिकायतों से अलग लोगों के मददगार की भूमिका में सामने आई हैं। आरडब्ल्यूए किसी को राशन तो किसी को उसके घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी बखूबी निभा रही हैं। इसके लिए स्वैच्छिक कार्यकर्ताओं की टीम भी बनाई गई है, जिससे समय पर राशन, खाना या इलाज की मदद की जा सके।
 
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लॉकडाउन में राशन वितरण कर रहीं आवासीय कल्याण समितियां - फोटो : अमर उजाला
युवतियों को पहुंचाई सहायता
गोमती नगर जनकल्याण महासमिति के महासचिव डॉ. राघवेंद्र शुक्ल ने बताया कि हम पूरे गोमती नगर में मदद पहुंचा रहे हैं। कई बार अलग तरह के हालात भी सामने आ जाते हैं। एक दिन विनीत खंड से फोन आया कि हम चार युवतियां रह रहीं हैं। हमारे पास घर वापस जाने का कोई तरीका नहीं है। उनके पास खाने के लिए राशन तक नहीं था। हमने इन तक राशन पहुंचाया। एक सप्ताह बाद फिर से संपर्क कर पता किया। उन्हें दोबारा जरूरी सामान और राशन दिया। इन्हें अमेठी और वाराणसी भेजने के लिए प्रशासन से संपर्क कर पास और वाहन की व्यवस्था भी कराई गई। करीब 300 ऐसे परिवारों की सूची हमने बनाई है जो कि आर्थिक संकट में नौकरी जाने या आय के स्रोत खत्म हो जाने की वजह से परेशान हैं।

 
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लॉकडाउन में राशन वितरण कर रहीं आवासीय कल्याण समितियां - फोटो : अमर उजाला
अपनी जेब से दिए दो हजार रुपये
गोमती नगर विस्तार महासमिति के सचिव उमाशंकर दुबे ने बताया कि एक बार विस्तार में एक मॉल में करीब तीन दिन से भूखे मजदूर मिले। एलडीए से शिकायत कर उनको बिल्डर से राशन दिलवाना शुरू कराया। एक कॉल गोमती नगर से आई। फ़ोन पर मदद मांगी गई, लेकिन तबियत ठीक नहीं होने से जाने का मन नहीं था। इसके बाद भी सहायता के लिए उसे गोमती नगर स्टेशन के पास बुला लिया। पहले मुझे लगा कि कोई मजदूर होगा, लेकिन देखने में वे ठीकठाक लगे। मैंने उनसे कहा कि जिन्हें राशन देना है उसे बुलाइए। उन्होंने बताया कि वह ओला कंपनी में अपनी गाड़ी चलवाते हैं। उनकी दो गाड़ियां हैं। घर में किसी चीज की तकलीफ नहीं, लेकिन इस बीच पैसे समाप्त हो गए हैं। घर में चावल, दाल, आटा आदि सब कुछ है। मगर बच्चे के लिए दूध नहीं है। मैंने उन्हें दो हजार रुपये दिए। 

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लॉकडाउन में राशन वितरण कर रहीं आवासीय कल्याण समितियां - फोटो : अमर उजाला
बाहर के लोगों की भी सहायता करने को नहीं हटे पीछे
जानकीपुरम विस्तार संयुक्त कल्याण महासमिति भी लोगों तक राशन और जरूरी सामान पहुंचाकर उनकी मदद कर रही है। महासमिति के महासचिव विनय कृष्ण पांडेय ने बताया कि एलडीए को राशन देने से लेकर दूसरे परिवारों तक हम मदद पहुंचा रहे हैं। एक बार एक ऐसे परिवार ने संपर्क किया, जिसमें पति-पत्नी दोनों दिव्यांग थे। जब उन्हें राशन लेने के लिए बुलाया तो पता चला कि वह सात किमी अपनी ट्राई साईकल चलाकर आए। ऐसे परिवारों की हम जनकीपुरम विस्तार के बाहर भी जाकर मदद कर रहे हैं। सामान भी महासमिति से जुड़े लोग अपने संसाधनों से जुटा रहे हैं।





 
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लॉकडाउन में राशन वितरण कर रहीं आवासीय कल्याण समितियां - फोटो : अमर उजाला
11 हजार जरूरतमंदों को अब तक खिला चुके हैं खाना 
आशियाना रेजिडेंट एसोसिएशन के महासचिव रवि भाटिया ने बताया कि पहले ही दिन से लॉकडाउन में लोगों तक खाना पहुंचने में जुटे हैं। हमारी टीम अब तक करीब 11 हजार जरूरतमंदों तक खाना पहुंच चुकी है। एक बार तो अपोलो हॉस्पिटल के पास की सब्जी मंडी में लोगों के भूखे होने की जानकारी मिली। अब इन्हें लगातार खाना मिल रहा है। पीएम केयर फंड में भी पैसा भेजने के लिए लोगों से अपील कर जमा कराया। इस मुहिम से सैकड़ों लोग जुड़े।
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