फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अफगान और पाक से रेफर मरीज को लखनऊ में मिली नई जिंदगी, कैंसरग्रस्त हिस्सा काटकर यूं बनाई जीभ

Wed, 04 Sep 2019 04:35 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
1 of 5
अफगानी मरीज के साथ डॉक्टर - फोटो : अमर उजाला
अफगानिस्तान और पाकिस्तान से रेफर किए गए कैंसर मरीज को राजधानी के चिकित्सक ने जीवनदान दिया है। उसकी कैंसरग्रस्त जीभ की सर्जरी की। गाल के मांस और चमड़ी से प्लास्टिक सर्जरी के जरिये जीभ को दोबारा दुरुस्त कर दिया। अब मरीज पूरी तरह से स्वस्थ है। इतना ही नहीं करीब चार लाख में होने वाली सर्जरी सिर्फ डेढ़ लाख में ही करके मरीज को राहत पहुंचाई।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
अफगानी मरीज - फोटो : अमर उजाला
अफगानिस्तान निवासी मरीज अबू को मुंह का कैंसर था। अफगान से वह इलाज के लिए पाकिस्तान गए, लेकिन दोनों जगह से उन्हें रेफर कर दिया गया। इस दौरान एक कैंसर विशेषज्ञ ने अबू को लखनऊ के मैक्सिलोफेशियल सर्जन डॉ. अनुराग यादव के बारे में जानकारी दी। मरीज के परिवारीजनों ने नेट पर सर्च कर डॉ. अनुराग से बात की। इसके बाद 10 दिन के मेडिकल वीजा पर लखनऊ पहुंचे। यहां जांच के बाद पता चला कि तत्काल सर्जरी की जरूरत है। मरीज के रिश्तेदार ने बताया कि वह खुद रुपयों का इंतजाम कर रहा है।
विज्ञापन

3 of 5
ढॉ अनुराग - फोटो : अमर उजाला
मरीज के घर वाले इतनी महंगी सर्जरी कराने की स्थिति में नहीं हैं। इस पर डॉ. अनुराग यादव ने चार लाख के खर्च को डेढ़ लाख में करने का फैसला लिया। सोमवार को प्रेसवार्ता में डॉ. अनुराग यादव ने बताया कि ऑपरेशन थियेटर सहित अन्य खर्चों में कौकलिया एडवांस सर्जिकल सेंटर ने मदद की। सर्जरी के बाद मरीज पूरी तरह से ठीक है। उसे सोमवार को डिस्चार्ज कर दिया गया है। वह रेडियोथेरेपी अपने देश में कराते रहेंगे। टीम में डॉ. अनुराग यादव के साथ डॉ. सौम्या, डॉ. पूनम, व डॉ. गुंजन शामिल थीं।

4 of 5
डॉ अनुराग - फोटो : अमर उजाला
क्या थीं सर्जरी की चुनौतियां
डॉ. अनुराग ने बताया कि कैंसर जीभ के पिछले हिस्से में 20 फीसदी से ज्यादा फैल गया था। गले में लेवल टू तक बढ़ गया था। इसलिए मांडेबल स्वीन टेक्नीक अपनाई गई। इसमें जबड़े को काटकर गले की तरफ से नीचे से ऊपर जाकर सर्जरी की गई। आमतौर पर मुंह से नीचे जाकर सर्जरी की जाती है। इसके बाद गाल के मांस और चमड़े को लेकर सर्जरी के दौरान कटी जीभ की प्लास्टिक सर्जरी कर उसे पूरा किया गया। फिर गले में मौजूद गांठ निकाली गई। इसमें पहले लेवल पांच, फिर चार और फिर एक पर आया गया। आमतौर पर सामान्य सर्जरी में लेवल एक को पहले हटाया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
डॉ अनुराग - फोटो : अमर उजाला
बार-बार छाला निकले तो जांच कराएं
डॉ. अनुराग यादव ने बताया कि मुंह के कैंसर की वजह अनेक हैं, लेकिन मुंह में बार-बार छाला निकल रहा है। छाले की जगह गांठ बन रही है। दांत के जरिये गाल के किसी हिस्से में बार-बार कट लग रहा है और वहां गांठ बन जा रही है तो उसकी जांच करा लेनी चाहिए। मुंह के कैंसर की एक बड़ी वजह यह भी है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें