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CAA: होर्डिंग में उपद्रवियों के बीच अपनी फोटो देखकर भड़के मौलाना, बोले- बिना सबूत हमें दंगाई बनाया

Fri, 06 Mar 2020 11:08 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : amar ujala
सीएए, एनआरसी के विरोध में प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में सरकारी व निजी संपत्तियों की भरपाई के लिए प्रशासन ने 53 उपद्रवियों की तस्वीर वाली होर्डिंग गुरुवार को राजधानी के प्रमुख चौराहों पर लगवाई। इनमें धर्मगुरु मौलाना सैफ अब्बास, मौलाना कल्वे सादिक के बेटे कल्वे सिब्तैन की फोटो का होना शुक्रवार को शहर में चर्चा का विषय रहा। वहीं, कई धर्मगुरुओं ने इसकी निंदा भी की है।

मानवाधिकार का उल्लंघन किया
ऐशबाग ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि हिंसक आंदोलन की सबने निंदा की थी। मामला कोर्ट में है, कई लोगों को स्टे मिला हुआ है। इसके बावजूद होर्डिंग पर उलमा, सेवानिवृत्त आईपीएस अफसर, विद्यार्थी, महिला, स्कॉलर की तस्वीरें अपराधियों की तरह सार्वजनिक जगहों पर लगाई गई हैं। मेरा मानना है कि यह मानवाधिकार का उल्लंघन है। सरकार को चाहिए कि ये होर्डिंग फौरन हटाए और अदालत के फैसले का इंतजार करे।
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शिया धर्मगुरू बोले, मानहानि का करेंगे मुकदमा

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- फोटो : amar ujala
शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे सिब्तैन नूरी ने कहा कि सरकार ने होर्डिंग लगाकर हमें दंगाई बनाकर लोगों को पेश करने की कोशिश की है। इस सरकार की निगाह में कानून व सच्चाई की कोई जगह नहीं है। हमने शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया था। सरकार ये न समझे कि हम इससे डर जाएंगे। हमारे सामने न्यायालय जाने का विकल्प खुला है।
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- फोटो : amar ujala
दिल्ली में भड़काऊ भाषण देकर दंगा कराने वाले कपिल मिश्रा, अनुराग ठाकुर जैसे लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, आम लोगों को डराने के लिये कार्रवाई की जा रही है। अब पुलिस पर भी भरोसा नहीं रह गया है। हमें सिर्फ न्यायालय में न्याय मिलेगा। हम लोकतंत्र को बचाने के लिए आंदोलन कर रहे हैं, ऐसे में तमाम मुश्किलें आनी ही है। हम न्यायालय में इसको लेकर मानहानि का भी मुकदमा दायर करेंगे।

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- फोटो : amar ujala
होर्डिंग में तस्वीर लगा दी, लेकिन सबूत नहीं दिए
शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास नकवी ने कहा कि मेरे खिलाफ नोटिस भेजना और तस्वीर लगाना राजनीतिक साजिश है। 19 दिसंबर को हम लोगों ने विदेशी पर्यटकों और जिला प्रशासन की मदद की थी। प्रशासन ने रिकवरी को लेकर तस्वीर लगा दी, लेकिन हिंसा में शामिल होने का सुबूत नहीं दे पा रहे हैं।
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- फोटो : amar ujala
उन्होंने कहा कि हम कानूनी लड़ाई लडे़ंगे। ये बड़े इमामबाड़े के सामने की बात कर रहे हैं। हम वहां मौजूद थे वहां पर एसपी सिटी, एसीएम भी थे वहां पर किसी भी तरह की हिंसा नही हुई। हमें देश के कानून व न्यायालय पर यकीन है। जीत सच्चाई की होगी।
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