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वीआईपी ट्रेन की एसी बोगी में चूहों और कॉकरोच का आतंक, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

Tue, 30 Jul 2019 04:52 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर
वीआईपी ट्रेन लखनऊ मेल की सेकेंड एसी बोगी में चूहों का ऐसा आतंक है कि यात्रियों को रेलवे बोर्ड चेयरमैन से शिकायत करनी पड़ी। गंदी सीटों व बोगियों में घूम रहे कॉकरोच का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। गत दिवस जब यह ट्रेन लखनऊ जंक्शन से रवाना हुई तो सेकेंड एसी बोगी ए-2 के यात्रियों को बोगी में कॉकरोच व चूहे घूमते नजर आए। यात्री ने बोगी की फटी हुई सीट व उसमें टहल रहे कॉकरोच का वीडियो बनाकर चेयरमैन रेलवे बोर्ड को भी भेजा। यह हाल तब है जबकि दिल्ली के लिए यह सांसदों, विधायकों व जनप्रतिनिधियों तक की पसंदीदा ट्रेन है।
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लखनऊ मेल के एसी कोच की बदहाल सीट - फोटो : अमर उजाला
यह समस्या दूसरी ट्रेनों में भी है। सोमवार को 13307 गंगा सतलुज की सेकेंड एसी बोगी के शौचालय में चूहों की शिकायत भी सोशल मीडिया पर दर्ज हुई। मामला डीआरएम तक पहुंचा। यात्रियों की शिकायत है कि ट्रेन में पेस्ट कंट्रोल नहीं होने से समस्या बढ़ती जा रही है। एसी बोगियों में चूहों को पकड़ने के लिए चूहेदानियां होनी चाहिए, लेकिन नहीं लगी हैं। लखनऊ से दिल्ली व मुंबई जाने वाली अधिकतर ट्रेनों में चूहेदानियाें की व्यवस्था नहीं हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
लाखों रुपये डकार गए ‘चूहे’
चूहों का सबसे ज्यादा आतंक तो स्टेशन पर है। चारबाग व लखनऊ जंक्शन पर चूहों ने सुरंगें खोद रखी हैं। रेलवे ने इन्हें खत्म करने के लिए पिछले वर्षों में टेंडर भी किए। अब तक कुल 25 लाख रुपये खच के बाद भी चूहों का खात्मा नहीं हो सका।
 

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स्टेशन पर फुट ओवरब्रिज के पास यात्रियों को डराता बंदर - फोटो : अमर उजाला
स्टेशन पर मुसीबत बने बंदर, कुत्ते व सांड
चारबाग व लखनऊ जंक्शन पर चूहे व कॉकरोच के साथ ही बंदरों, कुत्तों व सांडों का भी आतंक है। बंदर जहां दिन में यात्रियों को बैठना मुहाल कर देते हैं। वहीं सांड रात में मुसीबत पैदा करते हैं। चारबाग रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर दो से सात तक बंदरों का आतंक है। रेलवे ने बंदरों को भगाने के लिए हाल ही में टेंडर भी कराया गया है, जिसके तहत बंदर भगाने वाले के लिए 21 हजार रुपये प्रतिमाह का वेतन रखा गया है। इसके बावजूद कोई खास असर नहीं है। बंदर स्टेशन पर कई बार यात्रियों को काट भी चुके हैं।
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टिकट बुकिंग के पास बैठे रहते है कुत्ते - फोटो : अमर उजाला
वहीं दोनों स्टेशनों पर कुत्तों को भी घूमते देखा जा सकता है। मुख्य द्वार से ही पशु स्टेशन पर प्रवेश कर रहे हैं और सुरक्षाबल चुपचाप खड़े रहते हैं। लखनऊ जंक्शन के महिला टिकट काउंटर पर कुत्ते मुसीबत बने हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
खुली बाउंड्री से घुस आते हैं सांड
चारबाग रेलवे स्टेशन चारों ओर से खुला हुआ है। छह एंट्री ऐसी हैं, जहां से पशु सीधे स्टेशन में घुस आते हैं। जब तक इन द्वारों को बंद नहीं किया जाएगा, तब तक ये यात्रियों के लिए मुसीबत बने रहेंगे। सेकेंड एंट्री की ओर से पशु ट्रैक पर घास चरने आ जाते हैं। बारिश में यह समस्या और बढ़ जाती है। पशु के ट्रैक पर घास चरने से कई बार रनओवर हो जाते हैं और ट्रेनों का संचालन बाधित होता है।

लाखों खर्च, नहीं सुधरे हालात
12 लाख रुपये बंदर भगाने पर
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