राममंदिर की आधारशिला रखने पांच अगस्त को अयोध्या आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत की भी भव्य तैयारी की जा रही है। इसी क्रम में काष्ठ कला की दुर्लभ कृति टीकवुड की डेढ़ फीट की कोदंड राम व एक फीट की लव कुश की प्रतिमा पीएम को भेंट की जाएगी।
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कोदंड राम की प्रतिमा
- फोटो : अमर उजाला
यह प्रतिमा अयोध्या शोध संस्थान की ओर से कर्नाटक में तैयार कराई जा रही है। जो चार अगस्त को अयोध्या पहुंच जाएगी। पांच अगस्त को रामजन्मभूमि परिसर में भूमि पूजन के दौरान यह प्रतिमा संस्कृति विभाग की ओर से भेंट की जाएगी।
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रामलला का सिंहासन
- फोटो : amar ujala
अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक वाईपी सिंह ने बताया कि दोनों प्रतिमाएं कर्नाटक में राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिल्पकार एम राममूर्ति तैयार कर रहे हैं। यह प्रतिमा उत्तर और दक्षिण के समन्वय का भी प्रतीक है जो दक्षिण की हस्तशिल्प कला का अद्भुत नमूना है। प्रतिमा कर्नाटक की विशेष दक्षिण शैली में टीक वुड से तैयार की जा रही है।
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रामलला
- फोटो : अमर उजाला
कोदंड के नाम से जाना जाता है भगवान राम का धनुष
भगवान राम के धनुष को कोदंड के नाम से जाना जाता है। जब वह माता सीता की खोज के लिए दक्षिण भारत पहुंचे, तो वनवासी रूप में उनके हाथ में उनका धनुष कोदंड था।
उन्होंने अपनी पत्नी सीता की रक्षा के लिए धनुष उठाया था। लिहाजा दक्षिण भारत में उनका परिचय एक ऐसे पुरुष के तौर पर होता है जो स्त्री रक्षक हैं। इसलिए दक्षिण भारत में भगवान राम के कोदंड स्वरूप को पूजा जाता है।