एग्जीबिशन देखकर चिकन के बारे में जाना
स्वाति ने शोरूम में लगी एग्जीबिशन से चिकनकारी को बारीकी से समझा। प्रभात ने बताया कि उनके एग्जीबिशन सेंटर में मुर्रे, जाली, बखिया, टेप्ची, टप्पा व चिकन की अन्य शैलियों की जानकारियां हैं। राष्ट्रपति की बेटी हर शैली के बारे में सवाल करती रहीं।
उन्हें बताया कि इस हस्तशिल्प में 90 फीसदी से अधिक कारीगर महिलाएं हैं। उन्होंने कला के संरक्षण, इसके विकास में लखनऊ के योगदान की प्रशंसा की।
प्रभात ने यह भी बताया कि जाते वक्त स्वाति ने विजिटर्स रजिस्टर पर काम की गुणवत्ता और आधुनिक होती चिकनकारी को लेकर अपने भाव शब्दों में व्यक्त किए।