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सामान्य प्रसव की चाह में महिलाएं कर रहीं हैं योग, अच्छी और पर्याप्त नींद समेत ये हैं फायदे

Mon, 17 Dec 2018 03:24 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : डेमो
 दो उदाहरण बानगीभर हैं। ऐसी सैकड़ों महिलाएं गर्भवस्था में होने वाली जटिलताओं से बचने के लिए योगाभ्यास का सहारा ले रही हैं। तनाव और उच्च रक्तचाप से राहत के साथ सामान्य प्रसव की चाह सैकड़ों गर्भवती महिलाओं को योग क्लास की ओर खींच रही है। डॉक्टरों की मानें तो अगर गर्भावस्था के दौरान महिलाएं नियमित व्यायाम करती हैं तो उनमें सिजेरियन प्रसव की संभावना कम हो जाती है। इनमें सामान्य एक्सरसाइज से योग ज्यादा सुरक्षित और असरदार है। बलरामपुर अस्पताल में बने आयुष विभाग में योगाभ्यास के लिए बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं पहुंच रही हैं।
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सुमन चौरसिया - फोटो : amar ujala
केस-1
 सामान्य प्रसव से शिशु को दिया जन्म

अमीनाबाद की सुमन चौरसिया (29) ने कुछ माह पहले सामान्य प्रसव के जरिये शिशु को जन्म दिया है। उन्होंने बताया कि प्रसव के दौरान उन्हें बार-बार उल्टियां, कब्ज व तनाव समेत कई अन्य समस्याएं थीं। डफरिन अस्पताल में इलाज चल रहा था। जटिलताएं बढ़ती जा रही थीं। वहां गायनकोलॉजिस्ट ने बलरामपुर अस्पताल में योग के लिए भेजा। योग शुरू करने के कुछ दिन बाद से ही आराम मिलने लगा था। 
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बेबी परवीन - फोटो : amar ujala
केस-2
सामान्य प्रसव हो इसलिए कर रही हूं योग

ऐशबाग की बेबी परवीन (26) गर्भवती हैं और तीन माह से बलरामपुर अस्पताल में योग कर रह हैं। परवीन बताती हैं कि मुझे पैरों में सूजन, चक्कर आना, सिरदर्द व उल्टी की समस्या थी। मैंने जब से योग शुरू किया, आराम मिलने लगा और तमाम समस्याओं से निजात मिल गई। मैं हर रोज यहां आती हूं और डॉक्टर के दिशा निर्देश में योग करती हूं। मैं चाहती हूं कि मैं सामान्य प्रसव से शिशु को जन्म दूं।
 

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योग करती महिलाएं - फोटो : amar ujala
योग के फायदे
- अच्छी और पर्याप्त नींद आती है।
- चक्कर और उल्टी से भी मिलती है राहत।
- तनाव और घबराहट की समस्या नहीं होती।
- सिरदर्द, कब्ज, जी मिचलाने की समस्या नहीं होती।
- समय से पूर्व प्रसव पीड़ा नहीं होती।
- हाइपरटेंशन की समस्या से निजात।
- शिशु का विकास बेहतर तरीके से होता है।
- जेस्टेशनल डायबिटीज होने की संभावना कम हो जाती है।
- शरीर के मसल्स मजबूत होने से प्रसव के समय दर्द कम होता है।
- योग से सामान्य प्रसव की संभावना बढ़ती है। 
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योगा करती महिलाएं
इन बातों का रखें ध्यान-
- बिना प्रशिक्षण, टीवी देखकर या किताब में पढ़कर न करें योगाभ्यास।
- सूक्ष्म व्यायाम, अनुलोम-विलोम, ध्यान, ओम का उच्चारण व कुछ प्रणायाम ही लाभदायक।
- गर्भवती महिलाएं मैदा, मिर्च, मसालों व ठंडे पानी का सेवन न करें।
- नियमित फलाहार, हरी सब्जियां, दूध, दही, शहद व अंकुरित अनाज का सेवन करें।
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योग करती महिलाएं - फोटो : amar ujala
विशेषज्ञ की सलाह जरूरी
गर्भवती महिलाओं के साथ गर्भस्थ शिशु के लिए योग फायदेमंद है। इससे पेल्विस लूज होती है। सामान्य प्रसव में मददगार होता है। शिशु का विकास अच्छे से होता है। योग से मां के शरीर का सर्कुलेशन बढ़ने से शिशु में ब्लड की सप्लाई अच्छी तरह से होती है। इसके अलावा तनाव से निजात पाकर हाइपरटेंशन की समस्या से भी बचाव होता है, लेकिन कुछ तरह के योग गर्भावस्था में नुकसानदेह होते हैं इसलिए बिना विशेषज्ञ की सलाह से गर्भावस्था के दौरान योग न करें। - डॉ. सुजाता देव, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, क्वीनमेरी अस्पताल 
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