डॉ. सुजाता देव के अनुसार क्वीन मेरी में ज्यादातर केस हाई रिस्क वाले ही आते हैं। ऐसे में सीधे तौर पर यह पता लगाना संभव नहीं होता कि समय से पूर्व प्रसव के मामले की असली वजह क्या है।
हालांकि, पूछताछ पर पता चलता है कि ज्यादा प्रदूषण या फैक्ट्री के आसपास रहने वाली महिलाओं के समय पूर्व प्रसव के मामले ज्यादा मिलते हैं। इसके साथ ही बच्चे में विकृति तथा उनके विकास में वायु प्रदूषण बड़ी समस्या भी पैदा करता है।
शोध में हुआ था पेंट में घोले जाने वाले लेड से नुकसान का खुलासा
क्वीन मेरी में हुए एक शोध में खुलासा हुआ था कि जिन इलाकों में पेंट बनाया जाता है, वहां गर्भ में पल रहे बच्चों में काफी समस्या देखी गईं। पेंट में घोले जाने वाले लेड की वजह से उनमें काफी नुकसान देखने को मिला। यहां तक कि मां के माध्यम से गर्भ में पल रहे बच्चे तक में यह लेड पहुंच चुका था। इसकी वजह से बच्चों में जन्मजात विकृति, जन्म के बाद उनके विकास में बाधा जैसी कई समस्याएं सामने आईं।