बाहुबली माफिया मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी ने खुद को राष्ट्रीय स्तर का शूटर बताकर विभिन्न बोर के असलहे खरीदे हैं। राष्ट्रीय स्तर के शूटर को सरकार न सिर्फ एक ही लाइसेंस पर कई असलहे खरीदने का लाभ देती है बल्कि ऐसे व्यक्तियों को असलहों की कीमत में भी छूट मिलती है।
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मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी के दिल्ली स्थित आवास से पुलिस ने असलहे किए बरामद
- फोटो : amar ujala
अब्बास ने राष्ट्रीय स्तर के शूटर होने से संबंधित दस्तावेज पुलिस को दिए हैं। महानगर इंस्पेक्टर अशोक कुमार सिंह का कहना है कि दस्तावेजों की छानबीन कराई जा रही है। मालूम हो कि अब्बास अंसारी के दिल्ली स्थित आवास पर छापा मारकर लखनऊ पुलिस ने छह असलहे और 4431 कारतूस समेत भारी मात्रा में शस्त्र सामग्री बरामद की है।
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मुख्तार अंसारी के बेट अब्बास अंसारी के दिल्ली स्थित आवास से पुलिस ने असलहे किए बरामद
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अब्बास अंसारी मूलरूप से गाजीपुर के मोहम्मदाबाद स्थित यूसुफपुर दर्जी टोला का रहने वाला है और यहां महानगर के निशातगंज स्थित मेट्रो सिटी में रहता है। उसने वर्ष 2002 में मेट्रो सिटी के ही पते से डबल बैरल गन का लाइसेंस बनवाया था। वर्ष 2015 में उसने उक्त लाइसेंस को दिल्ली के बसंतकुज स्थित किशनगंज के अपने दूसरे पते पर स्थानांतरित करा लिया।
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लाइसेंस स्थानांतरित करने के लिए उसने लखनऊ के जिला प्रशासन से अनुमति नहीं ली। न ही महानगर कोतवाली की पुलिस को इसकी सूचना दी। बाद में उसने अपने लाइसेंस पर चार और शस्त्र खरीद लिए जिस पर महानगर कोतवाली के इंस्पेक्टर अशोक कुमार सिंह की तरफ से उसके खिलाफ धोखाधड़ी, तथ्य छिपाने और शस्त्र अधिनियम के उल्लंघन समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया गया था।
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पुलिस ने सख्त कार्रवाई की रूपरेखा कर ली थी तैयार
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि अब्बास के खिलाफ महानगर कोतवाली में केस दर्ज होने के बाद से ही पुलिस ने सख्त कार्रवाई की रूपरेखा तैयार कर ली थी। इस मामले की जांच के लिए एसपी ट्रांस गोमती अमित कुमार को नोडल अधिकारी नामित कर सीओ महानगर आईपीएस सोनम कुमार के नेतृत्व में पुलिस की दो टीम गठित करके विवेचना क्राइम ब्रांच को सौंपी गई थी। दिल्ली पुलिस से अब्बास के असलहों के रिकार्ड मंगाने के बाद छापे की तैयारी की गई। एसपी ट्रांस गोमती ने डीसीपी/एसीपी साउथ वेस्ट सफदरगंज एन्क्लेव नई दिल्ली से संपर्क कर स्थानीय स्तर पर सहयोग मांगा और कोर्ट से सर्च वारंट लेकर दिल्ली पहुंच गई।
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ये असलहे भी मिले
ऑस्ट्रिया की .380 ऑटो बोर की ग्लॉक-25 पिस्टल की एक स्लाइड बैरल, ऑस्ट्रिया की ही .40 बोर की ग्लॉक-23 जेन-4 की एक स्लाइड बैरल, .22 बोर की एक अन्य विदेशी पिस्टल का स्लाइड बैरल, ऑस्ट्रिया की .380 बोर की एक मैगजीन, ऑस्ट्रिया की .40 बोर की एक मैगजीन व ऑस्ट्रिया का ही एक लोडर भी पुलिस ने जब्त किया है।
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एसटीएफ की जांच में हुआ था फर्जीवाड़े का खुलासा
अब्बास अंसारी के एक लाइसेंस में पांच असलहे खरीदने के मामले का खुलासा एसटीएफ की जांच में हुआ था। दरअसल एसटीएफ ने उत्तर प्रदेश में अपराधिक छवि के लोगों को दिए गए शस्त्र लाइसेंस की जांच शुरू की जिसमें मुख्तार और उसके करीबी रिश्तेदारों के नाम नौ लाइसेंस जारी होने का खुलासा हुआ।
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इसमें से तीन शस्त्र लाइसेंस मुख्तार और उसके बेटे अब्बास के नाम पाए गए। जांच में पता चला कि अब्बास ने जिला प्रशासन की अनुमति और स्थानीय पुलिस को सूचना दिए बगैर अपना शस्त्र लाइसेंस दिल्ली स्थानांतरित करा लिया। दिल्ली में उसने राष्ट्रीय स्तर का निशानेबाज होने के आधार पर उक्त लाइसेंस पर चार और असलहे खरीद लिए। पुलिस का कहना है कि एक ही शस्त्र दो प्रदेशों में अलग-अलग शस्त्र लाइसेंस व अलग-अलग यूआईडी पर एक साथ अंकित होना शस्त्र अधिनियम का उल्लंघन है।