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हैदराबाद गैंगरेप कांड के विरोध में सड़क पर उतरीं प्रदर्शनकारियों से पुलिस ने की अभद्रता, जड़े थप्पड़

Fri, 06 Dec 2019 12:23 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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प्रदर्शनकारियों व पुलिस के बीच हुई तीखी झड़प। - फोटो : अमर उजाला
हैदराबाद में महिला चिकित्सक की दुराचार के बाद हत्या के विरोध में बुधवार को प्रदर्शन कर रही महिलाओं से पुलिस की भिड़ंत हो गई। महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री आवास पर धरना देने जा रहीं महिलाओं को पुलिस ने रास्ते में ही रोक लिया। 

पुलिस से धक्कामुक्की व नोकझोंक हुई। इस दौरान पुलिस ने एक महिला प्रदर्शनकारी को कई थप्पड़ जड़ दिए। इसके बाद प्रदर्शनकारी और भी आक्रोशित हो गईं। इसके बाद कुछ युवतियां पुलिस को चकमा देकर सीएम आवास पहुंच गईं और वहां जाकर धरने पर बैठ गईं।   
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प्रदर्शन कर रही युवतियों और पुलिस में हुई भिड़ंत। - फोटो : अमर उजाला
हैदराबाद की घटना के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक महिला प्रदर्शनकारी के साथ पुलिस की अभद्रता के बाद बुधवार शाम राजधानी में भी कुछ ऐसी ही घटना हुई। रेड ब्रिगेड संस्था की सदस्यों ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास के बाहर रात गुजारने का आवाहन किया था। 

इसी के तहत शाम करीब पांच बजे काफी संख्या में महिलाएं और युवतियां 1090 चौराहे पर एकत्र हुईं। यहां से संगठन की  अध्यक्ष ऊषा विश्वकर्मा की अगुवाई में लक्ष्मी, पूजा भारती, कविता भारती, स्निग्धा, मानसी, रीता सिंह, डॉ. ज्ञानवती वर्मा, भारती द्विवेदी सहित तमाम प्रदर्शनकारी महिलाओं ने मुख्यमंत्री आवास के लिए कूच कर दिया। 
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रेड ब्रिगेड संस्था की प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई नोकझोंक। - फोटो : अमर उजाला
कुछ दूर जाने पर महिलाओं को पुलिस ने जियामऊ पेट्रोल पंप के पास रोक लिया। इस पर ऊषा विश्वकर्मा ने कहा कि देश व प्रदेश में महिलाओं को सुरक्षा देने में सरकार पूरी तरह से नाकाम साबित हो रही है। अब महिलाएं अपने वाहन तक से जाने में भी सुरक्षित नहीं रह गई हैं। 

उन्होंने कहा कि शहर के तमाम इलाकों में पुलिस की गश्त तक नहीं होती है। शहर में सबसे सुरक्षित जगह अब मुख्यमंत्री आवास ही रह गया है जहां पर 24 घंटे सुरक्षा रहती है। उन्होंने कहा कि हम वहीं पर जाकर रात गुजारेंगे ताकि खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। 

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हैदराबाद गैंगरेप के विरोध में सड़क पर प्रदर्शन करतीं युवतियां। - फोटो : अमर उजाला
महिलाओं ने मुख्यमंत्री आवास जाने की कोशिश की तो महिला पुलिस अधिकारी ने प्रदर्शन में शामिल मानसी को बाल पकड़ कर कई थप्पड़ जड़ दिये। इसके बाद महिलाएं आक्रोशित हो गई और पुलिस व महिलाओं के बीच धक्कामुक्की शुरू हो गई। 

महिलाओं ने सड़क पर भागना शुरू कर दिया। पुलिस ने उन्हें दोबारा जियामऊ ढाल कैंसर अस्पताल के पास रोक लिया। इस अफरातफरी का फायदा उठाकर लक्ष्मी, काजल और कविता सीएम आवास पहुंच गईं और धरना शुरू कर दिया। 
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प्रदर्शन कर रही युवतियों को पुलिस ने हिरासत में लिया। - फोटो : अमर उजाला
इधर महिला प्रदर्शनकारियों को समझाने के लिए अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम संतोष कुमार मौके पर पहुंच गए। उन्होंने महिलाओं को हाईकोर्ट का हवाला देकर धरना ईको गार्डेन में करने के लिए समझाया। 

महिलाएं मुख्यमंत्री आवास पर रात गुजारने पर अड़ी रहीं। इस दौरान कई बार प्रदर्शनकारी महिलाओं को पुलिस के बीच धक्कामुक्की होती रही। करीब तीन घंटे से ज्यादा समय तक धीगामुश्ती के बाद पुलिस ने महिलाओं को बस व जीप में लादकर हिरासत में ले लिया।
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प्रदर्शन के दौरान सड़क पर लगा जाम। - फोटो : अमर उजाला
सड़क पर लग गया जाम
महिलाओं के प्रदर्शन और कई बार धक्कामुक्की की वजह से जियामऊ के आसपास सड़क पर गाड़ियों की लंबी कतारें लगने लगीं। इसकी वजह से सड़क पर जाम लग गया। तमाम राहगीर वापस उल्टी दिशा में लौटने लगे।
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कालिदास मार्ग स्थित सीएम आवास के बाहर धरना देतीं युवतियां। - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने तमाशबीनों पर निकाली खीझ
महिला प्रदर्शनकारियों से कम महिला पुलिस होने की वजह से कई बार प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच धक्कामुक्की हुई। महिलाएं उनकी पकड़ से बाहर भी निकल गईं।

इससे खीझे पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शन का तमाशा देख रहे राहगीरों पर अपना गुस्सा उतारा। पुलिस ने राहगीरों को सख्ती से भगाया तो कई राहगीरों ने विरोध कर दिया। पहले से गुस्साई पुलिस ने राहगीरों को भी थप्पड़ और घूसे जड़ना शुरू कर दिए। 

(तस्वीर में- कालिदास मार्ग स्थित सीएम आवास के बाहर धरना देतीं युवतियां)

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सहयोग संस्था की ओर से हैदराबाद गैंगरेप कांड के विरोध में चलाया गया हस्ताक्षर अभियान। - फोटो : अमर उजाला
अब हम लड़कियां चुप नहीं बैठेंगी
हैदराबाद हो या रांची या फिर कोई भी शहर व गांव, समाज में महिलाओं, लड़कियों के साथ लगातार हर रोज हिंसा हो रही है। सरकार भी बेटी बचाओ-बेटी बताओ की बात तो करती है पर हम बेटियां न ही पढ़ पा रहे हैं और न ही आगे आगे बढ़ पा रही हैं।

ऐसे में अब हम लड़कियां चुप नहीं बैठेंगी और विरोध करती रहेंगी। इस संकल्प के साथ सहयोग संस्था की ओर से ‘एक साथ अभियान’ शुरू किया गया है। इसके तहत वॉल राइटिंग, पोस्टर मेकिंग और हस्ताक्षर अभियान के जरिए लोग अपना विरोध जता रहे हैं। 

देश के विभिन्न हिस्सों में हो रही महिला हिंसा की घटनाओं के विरोध में व सरकार से महिला सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग को लेकर शहर के विभिन्न संगठन साथ आए हैं। सभी संगठन बृहस्पतिवार को शाम चार बजे जीपीओ गांधी मूर्ति पर मानव शृंखला बनाएंगे।
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प्रदर्शन करते कष्टहरन संस्था के लोग। - फोटो : अमर उजाला
बलात्कारियों को मिले सख्त सजा
हैदराबाद की घटना के विरोध और महिलाओं को सुरक्षा देने की मांग को लेकर गांधी प्रतिमा पर बुधवार को कष्टहरन संस्था के पदाधिकारियों ने धरना दिया।

जीपीओ स्थित गांधी प्रतिमा के समक्ष धरने की अगुवाई कर रहे संस्था के चेयरमैन सोम श्रीवास्तव ने देश व प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे अपराधों पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकारें महिलाओं के खिलाफ हिंसा रोकने में नाकाम साबित हो रही हैं।

उन्होंने कहा कि बलात्कारी को फांसी से भी ज्यादा सख्त सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मेरी मांग है कि बलात्कारियों का हयूमन कैस्ट्रेशन करने का कानून बनना चाहिए ताकि बलात्कारी जब तक जिंदा रहे तब तक वो समाज की जिल्लत झेलता रहे।

धरने में देवेन्द्र शर्मा, वीपी द्विवेदी, लालजी वर्मा, टीपी सिंह, केपी वर्मा, बीआर अम्बेडकर, रामदेव रावत, रामजीत अम्बेश, बच्चूराम मुख्य रूप से मौजूद रहे।
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