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लखनऊ हिंसाः उग्र प्रदर्शन और आगजनी की लोगों ने की निंदा, ईदगाह के इमाम ने कही ये बात

Fri, 20 Dec 2019 04:46 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
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प्रदर्शनकारियों का उपद्रव - फोटो : अमर उजाला
नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ बृहस्पतिवार को लखनऊ की सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों ने जमकर उत्पात मचाया। प्रदर्शनकारियों ने राजधानी की दो पुलिस चौकियां फूंक दीं। रोडवेज बस समेत 30 से अधिक वाहनों को आग के हवाले कर दिया। भीषण पथराव के साथ कई राउंड फायरिंग की। इस दौरान तीन नागरिकों को गोली लग गई, जिसमें एक युवक की मौत हो गई। उग्र प्रदर्शन और आगजनी की लोगों ने निंदा की।
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जितेंद्र सिंह चौहान - फोटो : अमर उजाला
आंदोलन का तरीका गलत
प्रदर्शन का ये तरीका समाज को बांटने की कोशिश है। मजहब और जाति की राजनीति के मंसूबे को सफलता मिलने में सहायक है। ऐसे कृत्यों पर सरकार को कड़े कदम उठाने चाहिए। लोेगाें के आंदोलन का यह तरीका बेहद घटिया है, जितनी भर्त्सना की जाए कम है। - जितेंद्र सिंह चौहान
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अतुल जैन - फोटो : अमर उजाला
हाथ में नहीं ले सकते कानून
लोकतंत्र में प्रदर्शन करने का अधिकार तो है, लेकिन कानून को हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। जो लोग नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन कर रहे, उनको उसकी एबीसी तक पता नहीं है। वह समाज के ठेकेदार के इशारे पर नाच रहे हैं। - अतुल जैन

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गौरव माहेश्वरी - फोटो : अमर उजाला
आगजनी व तोड़फोड़ गलत
विरोध प्रदर्शन के नाम पर आगजनी और तोड़फोड़ बेहद अफसोस जनक है। नागरिकता संशोधन एक्ट के विरोध करने के बहाने विपक्षी पार्टियों ने जिस तरह जनता को उकसा कर सरकारी संपत्ति को जो हानि पहुंचाई उसको सबने देखा है। विपक्ष की गंदी राजनीति का शिकार बनने से जनता बचे । - गौरव माहेश्वरी
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डॉ एस के शंखवार - फोटो : अमर उजाला
तरीका ठीक नहीं
लोकतंत्र में अपनी बात रखने का मौका सबको दिया जाता है, पर इसका बेजा इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। अगर सीएए से परेशानी हैं तो बेशक विरोध करे, लेकिन हंगामा, तोड़फोड़ व हिंसा के जरिए नहीं। लोकतंत्र में इसके लिए कोई जगह नहीं है। ऐसा करने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। - एसके शंखवार, सहायक वाणिज्य प्रबंधक, पूर्वोत्तर रेलवे
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केदार वाजपेयी - फोटो : अमर उजाला
तहजीब पर बदनुमा दाग
लखनऊ की गंगा-जमुनी तहजीब पर हुई घटना बदनुमा दाग है। इसे सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया है। दरअसल आगजनी की घटना को अंजाम देने के लिए पहले से पेट्रोल व पत्थर का इंतजाम किया गया था। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, जिससे दूसरे सबक ले सके। - केदार वाजपेयी
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कृष्ण कुमार - फोटो : अमर उजाला
हिंसा के लिए कोई जगह नहीं
भारत लोकतांत्रिक देश है। आपको विरोध प्रदर्शन की अनुमति है। दरअसल, यह एक ऐसा जरिया है, जिससे आप अपनी बात सरकार तक पहुंचा सकते हैं, लेकिन हिंसात्मक आंदोलनों के जरिये नहीं। इसलिए हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है और ऐसा करने वालों पर सख्त कार्रवाई भी होनी चाहिए। - कृष्ण कुमार यादव, निदेशक, डाक सेवाएं

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सुरेश छाबलानी - फोटो : अमर उजाला
हिंसा बहुत ही शर्मनाक
राजधानी लखनऊ में हजरतगंज क्षेत्र में डालीगंज में और पुराने लखनऊ में आज जिस प्रकार का हिंसक प्रदर्शन किया गया, वह किसी भी लोकतंत्र का हिस्सा नहीं है। लोकतंत्र में अपनी आवाज उठाना और अहिंसात्मक तरीके से प्रदर्शन करना तो ठीक, पर हिंसा बहुत ही शर्मनाक है। - सुरेश छाबलानी

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शौकत अली - फोटो : अमर उजाला
उग्र प्रदर्शन बहुत घातक
अधिकार के लिए सड़क पर उतरना और प्रदर्शन करना जायज है, लेकिन उग्र प्रदर्शन कर सरकार की संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और जनता को भयभीत करना बहुत घातक है। सबको आपसी सद्भाव से समस्या का हल निकालना चाहिए। - शौकत अली

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डॉ आशुतोष दुबे - फोटो : अमर उजाला
हिंसा फैलाना गलत
इस तरह से समाज में हिंसा फैलाकर अपना विरोध जताना गलत है। सभी लोग शांतिपूर्वक अपना विरोध जताए ताकि जनहानि-संपत्ति की हानि न हो सके। - डॉ. आशुतोष दुबे, सिविल, चिकित्सा अधीक्षक
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मौलाना खालिद रशीद - फोटो : अमर उजाला
शांति से करें प्रदर्शन : मौलाना खालिद रशीद
ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर चल रहे प्रदर्शन को लेकर शहरवासियों से अमन कायम रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे पर प्रदर्शन शांतिपूर्वक होना चाहिए। हिंसा किसी की भी ओर से की जाए उसे सही नहीं ठहराया जा सकता है। मौलाना ने नागरिकता संशोधन अधिनियम के संबंध में कोर्ट का सहारा लेने की बात कही।
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