लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बुधवार दोपहर में उस वक्त हड़कंप और अफरातफरी मच गई जब उतरने समय विमान एक ओर झुक गया। विमान में 150 यात्री सवार थे। विमान झुकते ही सभी की सांसें अटक गईं और चीख निकल पड़ी।
विज्ञापन
2 of 6
- फोटो : डेमो
हालांकि चंद मिनट बाद ही विमान सीधा हो गया, तब यात्रियों की जान में जान आई। हवाई अड्डा प्रशासन का कहना है कि हवाएं अनुकूल न होने से विमान एक ओर झुक गया।
विज्ञापन
3 of 6
- फोटो : डेमो
लखनऊ निवासी सूरज हादसे का शिकार होने से बचे गो एयर के विमान जी8-401 में सवार थे। लखनऊ पहुंचे सूरज के मुताबिक, यह फ्लाइट सुबह 11:10 बजे मुंबई से उड़ान भरने के बाद दोपहर 1:10 बजे अमौसी एयरपोर्ट पहुंची। लैंडिंग के दौरान फ्लाइट का पिछला पहिया रनवे पर सही तरीके से नहीं टिका तो वह पीछे की ओर झुक गया।रनवे पर दौड़ रहे फ्लाइट के एक ओर झुकते ही उसमें सवार यात्रियोें की सांसें थम गई और कई यात्री चीख पड़े।
4 of 6
- फोटो : डेमो
एक झटके के बाद फ्लाइट सीधी हुई तो यात्रियों को सकून मिला। इस फ्लाइट में 180 यात्री सवार थे। इस बाबत एयरपोर्ट अथॉरिटी के ओएसडी संजय नरायन का कहना कि फ्लाइट के लैंडिंग के दौरान हवाएं अनुकूल न होने के कारण वह पीछे की ओर झुक गया था।
विज्ञापन
5 of 6
- फोटो : डेमो
वहीं गो एयर का एक और विमान जी8-268 बुधवार को करीब एक बजे दिल्ली से लखनऊ आया। वह 20 मिनट तक हवा में चक्कर काटता रहा, लैंडिंग की कोशिश सफल नहीं हुई। पहले तो उसे दिल्ली वापस भेजे जाने की नौबत आ गई लेकिन बाद में वह मौसी एयरपोर्ट पर उतारा गया। सूत्रों का कहना है कि रनवे पर उतरते समय विमान की गति 400-500 के बीच थी, इसलिए उसे कंट्रोल करने में दिक्कत हुई।
आम तौर पर लैंडिंग के दौरान विमान की गति 220 से 270 के बीच होती है। सूत्रों का कहना है कि पहली बार लैंडिंग के दौरान रफ्तार इतनी तेज थी कि यदि विमान उतर जाता तो उसे नियंत्रित करना मुश्किल होता और वह सामने की बाउंड्रीवॉल सेट टकरा सकता था। एअरपोर्ट अधिकारियों का कहना है कि हवा के दबाव को देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से पायलट ने ऐसा किया और यह साधारण बात है। विमान में 150 के करीब यात्री सवार थे।