शाम होते ही रनवे बन जाता है ट्रैक
दिलकुशा केबिन और आलमबाग केबिन के आउटर पर शाम को रेलवे ट्रैक दिल्ली-मुंबई जैसे व्यस्ततम एयरपोर्ट के रनवे जैसा बन जाता है। यहां एक के पीछे एक ट्रेनें लाइन से सिग्नल के इंतजार में खड़ी हो जाती हैं। यह भीड़ शाम छह से रात 12 बजे तक लगती है। दिलकुशा में बिहार सप्तक्रांति(12565), गोरखधाम एक्सप्रेस(12555), वैशाली एक्सप्रेस(12583) के साथ अमूमन ऐसी दिक्कतें आती हैं।