ट्रेनों में बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहे यात्रियों को अब ऑनलाइन टिकट बुकिंग में भी परेशान होना पड़ रहा है।
विज्ञापन
2 of 8
- फोटो : डेमो
ऑनलाइन टिकट बुकिंग के लिए उपयोग में लाए जाने वाले रेलवे के सॉफ्टवेयर क्रिस में गड़बड़ी के चलते यात्रियों को गलत और दूसरी ट्रेनों का पीएनआर अलाट कर दिया जा रहा है। ऐसा ही एक मामला सोमवार को रेलमंत्री पीयूष गोयल तक पहुंचा।
विज्ञापन
3 of 8
डेमो
- फोटो : डेमो
इसमें यात्री ने रेलमंत्री से शिकायत की कि उसने ऑनलाइन राजधानी एक्सप्रेस का टिकट बुक कराया था, लेकिन उसे विशाखा एक्सप्रेस का पीएनआर मिल गया। इसके चलते उसे ऐन वक्त पर अपनी यात्रा निरस्त करनी पड़ी।
4 of 8
डेमो
सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सेंटर (क्रिस) के जरिए आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर यात्रियों के ऑनलाइन टिकट बुक होते हैं। सॉफ्टवेयर को समय-समय पर अपग्रेड करने की जरूरत होती है।
विज्ञापन
5 of 8
- फोटो : डेमो
चूंकि, ऑनलाइन टिकट बनवाने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है, इसलिए सॉफ्टवेयर व आईआरसीटीसी पर लोड बढ़ रहा है। बावजूद इसके क्रिस के अधिकारी सिस्टम को अपडेट रखने के प्रति लापरवाह है।
विज्ञापन
6 of 8
- फोटो : डेमो
इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। ताजा मामला राजधानी एक्सप्रेस का है। यात्री दिव्यांशु शुभम ने बताया कि एक जुलाई को उसने आईआरसीटीसी की वेबसाइट से ट्रेन संख्या 12309 राजेंद्रनगर दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस में सेकेंड एसी का टिकट बुक कराया। दो जुलाई को यात्रा थी।
विज्ञापन
7 of 8
- फोटो : डेमो
पटना से नई दिल्ली जाने के लिए सेकेंड एसी बोगी ए-3 में 30 नंबर सीट भी अलॉट हो गई। लेकिन जब टिकट पर प्रिंट हुआ पीएनआर (6716623126) चेक किया गया तो उसके होश उड़ गए। यह पीएनआर भुवनेश्वर से सिकंदराबाद के बीच चलने वाली विशाखा एक्सप्रेस (17015) का था, जिसकी थर्ड एसी में अक्विडु से सिकंदराबाद स्टेशन के बीच वेटिंग का टिकट था।
राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन में विशाखा का पीएनआर जनरेट होने से परेशान यात्री ने तत्काल मामले की शिकायत रेलमंत्री पीयूष गोयल से की। इसके बाद मंत्रालय ने आनन-फानन क्रिस को जांच करने के निर्देश दिए। इस बाबत रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि ऐसी गलतियां होने का मतलब सॉफ्टवेयर में बड़ी गड़बड़ी है। इससे कभी भी पूरा ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम बैठ सकता है।