एक जमाना था जब लोग कहते थे, पढ़ोगे लिखोगे बनोगे नवाब और खेलोगे कूदोगे तो बनोगे खराब..., लेकिन विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत कुछ होनहारों ने इस कहावत को खेलोगे कूदोगे तो बनोगे नवाब... में बदल दिया है। अब युवा न सिर्फ पढ़ाई बल्कि खेलों में भी अपनी बादशाहत कायम करने में जुटे हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय के भी कई विद्यार्थी ऐसे हैं जो पढ़ाई और खेल दोनों में नाम रोशन कर रहे हैं। कुछ विद्यार्थी तो राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना चुके हैं। राष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष्य में विश्वविद्यालय के कुछ ऐसे ही होनहारों से मुलाकात करा रहे हैं सचिन त्रिपाठी...।