भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि ये धर्मयुद्ध है, इस आंदोलन से पीछे हटे तो किसानों को बर्बाद होने से कोई रोक नहीं सकता है। क्योंकि सरकार बड़ी चालाकी से आपकी जमीन को कब्जाना चाह रही है और यदि ऐसा हुआ तो आप मजदूर बनकर रह जाओगे। टिकैत बुधवार को हरख ब्लॉक में आयोजित किसान महापंचायत में बोल रहे थे।
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महापंचायत में टिकैत को सम्मानित करते किसान नेता
- फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि आज किसानों को एमएसपी का लाभ नहीं मिल रहा है। गन्ने का मूल्य तीन साल से नहीं बढ़ा तो आलू किसान वाजिब दाम पाने के लिए भटक रहा है। किसानों की आय दोगुनी करने का बात करने वाली इस सरकार ने किसानों को धरती पर लाकर पटक दिया है। यदि आज हम नहीं जागे तो आने वाला कल बहुत खतरनाक होगा जो हमारे तथा हमारे बच्चों के लिए ठीक नहीं होगा। टिकैत ने कहा कि जो उम्मीदें लेकर हमने सरकार बनवाई थी उस उम्मीद पर ये सरकार खरी नहीं उतरी और आज किसानों की जमीन बेचने पर उतर आई है। सरकार चाहती है कि उसके सामने कोई न बोले। मगर किसानों की हिम्मत की दाद देनी होगी जो गाजीपुुर बॉर्डर पर सीना तान कर खड़ा है।
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महापंचायत में टिकैत को सम्मानित करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
टिकैत ने कहा कि सरकार चाहती क्या है ये तो बताए। सरकार से हर वर्ग खफा है। ये सरकार विपक्ष को बोलने नहीं दे रही है। यहीं कारण है कि किसान, नौजवान सब बर्बाद हो रहे हैं और जिन कानूनों को हम नहीं चाहते हैं सरकार उन तीन कानूनों को हम पर थोप रही है। सरकार अफवाह न फैलाए और तीनों कानूनों को वापस ले। यही सरकार के लिए बेहतर होगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि ये हरियाणा, पंजाब के किसानों का आंदोलन नहीं बल्कि पूरे देश के किसानों का आंदोलन है।
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महापंचायत में उमड़ी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
महापंचायत में उमड़े किसानों के जनसैलाब ने बुधवार को इस बात को साबित कर दिया है। डीजल-पेट्रोल के दाम कहां पहुंच गए हैं लेकिन किसानों को उनकी फसल का वाजिब दाम आज भी नहीं मिल रहा है। धान नौ सौ और हजार में बिका तो गेहूं चौदह सौ में बिक रहा है। इस सरकार से किसानों को दर्द के सिवाय कुछ नहीं मिला। इस सरकार ने सबकुछ डामाडोल कर दिया है। इसलिए सभी के सहयोग की जरूरत है आप लोगों के सहयोग के बिना कुछ भी नहीं होने वाला है।
महापंचायत को संबोधित करते नरेश टिकैत
- फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने किसानों से कहा कि हमें एक बात को ध्यान में रखना है यदि सरकार अपने उद्देश्य में सफल हो गई तो वह हमें आंदोलन नहीं करने देगी। इसलिए हमें धैर्य से काम लेना है और आंदोलन को हिंसक नहीं होने देना है। ये हमारे परीक्षा की घड़ी है। किसी से भी बदतमीजी से पेश न आएं। सरकार हमें आपस में भिड़ा रही है लेकिन ये होने वाला नहीं है। इसलिए सब मिलके चलो, आपको विश्वास दिलाता हूं आपके साथ विश्वासघात नहीं होगा। कार्यक्रम में पहुंचे किसान नेता का कार्यकर्ताओं ने फूल मालाओं से जोरदार स्वागत किया।