पिता बदर के साथ मिलकर अरशद ने ऐसी साजिश रची कि चार बहनों और मां को इसकी भनक नहीं लगी। किसी को शक न हो, इसके लिए 31 दिसंबर को उन्हें चारबाग में खम्मन पीर मजार लेकर गए। बदर के साथ बहनों और मां को खड़ा करके अरशद ने उनकी तस्वीरें खींची। परिवार ने चादर भी चढ़ाई थी। इसके बाद थोड़ी देर तक इधर-उधर घूमते रहे और फिर होटल चले गए थे।
पुलिस को होटल के कमरे और चारबाग स्टेशन के पास बदर और उसके परिजन सीसीटीवी कैमरे में कैद दिखे हैं। पुलिस ने होटल शरणजीत की सभी फुटेज कब्जे में ले ली हैं। आरोपी होटल में कब-कब आए और निकले, इसका ब्योरा तैयार किया गया है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपियों को लखनऊ के प्रमुख स्थलों की जानकारी किसने दी। आरोपियों के लखनऊ कनेक्शन की भी पड़ताल की जा रही है।