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मोहनलालगंज हत्याकांड: पुलिस का खुलासा- पांच लाख में कराई गई थी पूर्व प्रधान की हत्या

Thu, 31 Dec 2020 03:36 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
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सुजीत पांडेय हत्याकांड। - फोटो : amar ujala
लखनऊ के मोहनलालगंज के इंद्रजीत खेड़ा के पूर्व प्रधान व व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुजीत पांडेय की 20 दिसंबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। मंगलवार रात को आशियाना इलाके में हुए मुठभेड़ में पुलिस के हाथ दो शूटर लगे थे। दोनों शूटरों ने कई राज उगले हैं। 
 
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मृतक सुजीत पांडेय। - फोटो : amar ujala
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, पूर्व प्रधान की हत्या के लिए साजिशकर्ताओं ने पांच लाख रुपये की सुपारी दी थी। हत्या राजनीतिक वर्चस्व कायम करने के लिए कराई गई थी। हालांकि पुलिस प्रॉपर्टी के कारोबार की डिटेल खंगाल रही है। वहीं दो साजिशकर्ता जेल में हैं। उधर, मुख्य साजिशकर्ता की तलाश करने की बात पुलिस ने कही है। दोनों आरोपियों को पुलिस ने जेल भेज दिया।
 
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वारदात स्थल पर मौजूद पुलिसकर्मी। - फोटो : amar ujala
पुलिस ने मंगलवार रात करीब 11.20 बजे दो बदमाशों को नटवाडीह टीला मुठभेड़ के बाद दबोच लिया था। घायल बदमाशों की शिनाख्त बंथरा के रायसिंह खेड़ा माती निवासी अरुण कुमार यादव उर्फ छोटू और मोहनलालगंज के मरूई निवासी मुलायम यादव के रूप में हुई। एसीपी कैंट बीनू सिंह के मुताबिक, अरुण के खिलाफ गोसाईंगंज, बंथरा, चिनहट, वजीरगंज में 7 मुकदमे दर्ज हैं। 
 

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वारदात स्थल पर मौजूद पुलिसकर्मी। - फोटो : amar ujala
इसमें बंधक बनाकर लूटपाट, जालसाजी, साजिश व कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के मुकदमे हैं। वहीं मरूई के मुलायम के खिलाफ मोहनलालगंज में हत्या के प्रयास, जालसाजी सहित कई धाराओं में केस दर्ज हैं। उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट व गुंडा एक्ट की भी कार्रवाई मोहनलालगंज थाने से हो चुकी है।
पांच दिन पहले ही रच दी थी साजिश
 
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मोहनलालगंज पुलिस द्वारा जारी किए गए संदिग्धों के दस्तावेज। - फोटो : amar ujala
संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध नीलाब्जा चौधरी के मुताबिक, पूर्व प्रधान सुजीत पांडेय की हत्या मोहनलालगंज के प्रॉपर्टी कारोबारी मधुकर सिंह यादव ने रची थी। इस हत्या की साजिश रचने में उसके दो भाई राम अचल यादव उर्फ पुष्कर, मधुरेंद्र सिंह यादव उर्फ हिंकर यादव ने भी अहम भूमिका निभाई। साजिश वारदात के पांच दिन पहले ही रची गई थी। इसके लिए शूटरों को पूरी रकम भी दे दी गई थी। 
 
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वारदात स्थल पर मौजूद पुलिसकर्मी। - फोटो : amar ujala
हत्या को किस तरह अंजाम देना है, इसके लिए भी पूरी योजना बनाई गई। सुजीत पांडेय के घर व कार्यालय से लेकर ईंट-भट्ठे के रास्तों पर रेकी की गई। दो दिन तक मधुकर के भाई पुष्कर व हिंकर शूटरों के साथ घूमकर रेकी करवा रहे थे। 18 दिसंबर को योजना पुख्ता होने के बाद तीनों भाई साजिश के तहत खाद्य विभाग द्वारा दर्ज कराए गए चोरी के मुकदमे में जेल चले गए। दो दिन पहले मधुकर जमानत पर बाहर निकला था। जबकि उसके दोनों भाई अभी जेल में हैं। पुलिस दोनों भाइयों को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है।
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