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मोहम्मद तौफीक ने उर्दू विषय में हासिल किए शत प्रतिशत नंबर, रचा इतिहास

Tue, 01 Dec 2020 02:04 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव सचिन त्रिपाठी, अमर उजाला, लखनऊ
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मोहम्मद तौफीक और लखनऊ विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला
लखनऊ विश्वविद्यालय में उर्दू विभाग में अंतिम वर्ष में शत प्रतिशत नंबर लाकर मोहम्मद तौफीक ने इतिहास रच दिया है। तौफीक ने बीए अंतिम वर्ष में उर्दू विषय में 150 में से 150 नंबर हासिल किए हैं। आमतौर पर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में शत प्रतिशत नंबर मिलने के मामले सामने आते हैं, पर यह पहला मौका है जब बीए में किसी विद्यार्थी ने 100 प्रतिशत नंबर हासिल किए हैं। स्नातक स्तर पर उर्दू अंतिम वर्ष में सबसे ज्यादा नंबर लाने पर तौफीक को बृजनारायण चकबस्त मेमोरियल गोल्ड मेडल दिया जा रहा है। तौफीक लखनऊ विश्वविद्यालय से सहयुक्त मुमताज डिग्री कॉलेज के विद्यार्थी हैं।
 
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लखनऊ यूनिवर्सिटी - फोटो : अमर उजाला
लखनऊ विश्वविद्यालय ने दीक्षांत समारोह में 15 मेडल देने के बाद बचे हुए मेडल विजेताओं के नाम घोषित कर दिए हैं। इनमें से सबसे ज्यादा चौंकाने वाला नाम उर्दू विभाग में दिया जाने वाला चकबस्त मेडल है। इस मेडल को जीतने वाले तौफीक ने अंतिम वर्ष की परीक्षा में कुल मिलाकर 300 में से 298 नंबर हासिल किए हैं। उर्दू के अलावा उनका दूसरा विषय पर्शियन है, जिसमें उन्होंने 150 में से 148 नंबर हासिल किए हैं। तौफीक के अनुसार इस साल परीक्षा ओएमआर पर हुई थी। इसका भी उन्हें काफी फायदा मिला। इसके बावजूद शत प्रतिशत नंबर हासिल करना कहीं से भी आसान काम नहीं है। ओएमआर पर परीक्षा अंतिम वर्ष के सभी विद्यार्थियों की हुई है, लेकिन 80 फीसदी से ज्यादा नंबर लाने विद्यार्थी नाम के ही हैं। 100 प्रतिशत नंबर लाने वाले विद्यार्थी इस बार ही नहीं लविवि के इतिहास में पहली बार हुआ है। 
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मोहम्मद तौफीक - फोटो : अमर उजाला
ट्यूशन पढ़ाकर निकालते हैं अपना खर्च
तौफीक मूल रूप से गोंडा के रहने वाले हैं। उनके पिता मो. सलीम की मृत्यु वर्ष 2012 में हो गई थी। किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले तौफीक की मां मुन्नी के साथ चार अन्य भाई रहते हैं। घर की हालत बहुत अच्छी न होने की वजह से तौफीक अपना खर्च ट्यूशन पढ़ाकर निकालते हैं। उनके अनुसार एमए उर्दू में दाखिला लेकर वे इसी में शोध करना चाहते हैं।

 

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मोहम्मद कासिम - फोटो : अमर उजाला
कासिम को मिला वाइस चांसलर मेडल
लखनऊ विश्वविद्यालय में दिया जाने वाला उर्दू विभाग का दूसरा मेडल वाइस चांसलर गोल्ड मेडल मो. कासिम के हिस्से में आया है। कासिम ने इस साल परास्नातक स्तर पर उर्दू में टॉप किया है। उनमें 82.45 प्रतिशत नंबर हैं। कासिम के पिता वसीम हैदर सेवानिवृत्त वकील हैं जबकि मां सबरे जहां गृहिणी हैं। 

 
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प्रीति जोशी - फोटो : अमर उजाला
प्रीति जोशी को मिला मनोविज्ञान का मेडल 
मनोविज्ञान विभाग में टॉप करने पर प्रीति जोशी को श्रीमदन गोपाल अग्रवाल मेमोरियल गोल्ड मेडल दिया जाएगा। प्रीति ने एमए मनोविज्ञान में 77 प्रतिशत नंबर हासिल किए हैं। प्रीति के पिता बैंक मैनेजर मां ग्रहिणी है। प्रीति आगे चलकर शोध में अपना कॅरिअर बनाना चाहती हैं। उनके अनुसार ही प्रोफेसर बनना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। प्रोफेसर बनने की साथ ही प्रीति मानसिक स्वास्थ्य पर बराबर काम करना चाहती हैं।

 
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श्रेया कुमार - फोटो : अमर उजाला
श्रेया कुमार बनीं सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी
लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी की पढ़ाई करने वाली श्रेया कुमार सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुनी गई हैं। इसके लिए उन्हें पेरी मेडल दिया जाएगा। श्रेया को इससे पहले रानी लक्ष्मी बाई मेडल भी दिया जा चुका है। श्रेया के पिता अनिल कुमार स्पोर्ट्स विभाग में तैनात हैं। श्रेया लॉन टेनिस और सॉफ्ट टेनिस की खिलाड़ी हैं। उनका भाई श्रेयांश भी राष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी है और उसे लक्ष्मण पुरस्कार भी मिल चुका है।
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