पहली बार महिला मेयर चुनने के लिए तैयार लखनऊ में सभी प्रमुख दलों के अपने पत्ते खोल दिए हैं। चुनावी तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है। भाजपा ने संयुक्ता भाटिया, सपा ने मीरावर्धन, बसपा ने बुलबुल गोदियाल, कांग्रेस ने कुसुम शर्मा और आप ने प्रियंका माहेश्वरी को उम्मीदवार बनाया है। भाजपा और सपा के प्रत्याशी समृद्ध राजनीतिक विरासत से जुड़ी हैं तो कांग्रेस की उम्मीदवार ब्यूरोक्रेट रही हैं। आप की प्रत्याशी मैनेजमेंट की डिग्रीधारी और वोकल क्लासिकल सिंगर हैं। बसपा उम्मीदवार प्रदेश की पहली महिला अपर महाधिवक्ता रही हैं। जनता की अदालत में पहुंची इन उम्मीदवारों की अपनी ताकत भी हैं और कमजोरियां भी। प्रमुख उम्मीदवारों में सबसे उम्र दराज भाजपा की संयुक्ता भाटिया 70 साल की हैं तो सबसे युवा 34 साल की आम आदमी पार्टी की प्रियंका माहेश्वरी।
पहली महिला अपर महाधिवक्ता रही हैं बुलबुल गोदियाल
बसपा की प्रत्याशी बुलबुल गोदियाल को प्रदेश की पहली महिला अपर महाधिवक्ता होने का गौरव प्राप्त है। बुलबुल ने 1991 में हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में वकालत शुरू की। उनके पिता रोबिन मित्रा हाईकोर्ट के जाने-माने सीनियर एडवोकेट रहे हैं।
मजबूत पक्ष
लखनऊ में 26 साल से वकालत के पेशे में हैं। पति डॉ. सुधीर गोदियाल गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में एचओडी, लखनऊ में तमाम लोगों से रिश्ते, पर्वतीय समाज में पकड़। अभिनेत्री अनुष्का शर्मा की मामी होने के कारण प्रचार के लिए बॉलीवुड कलाकार आ सकते हैं।
कमजोर पक्ष
राजनीतिक में सक्रिय नहीं रही, बसपा नेताओं, कार्यकर्ताओं से सीधा संपर्क नहीं। शहरी क्षेत्रों में बसपा का सीमित जनाधार।
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35 साल से भाजपा में सक्रिय हैं संयुक्ता
सिंगारनगर, आलमबाग निवासी संयुक्ता भाटिया के पति स्व. सतीश भाटिया कैंट क्षेत्र से तीन बार चुनाव लड़े और दो बार जीते। उनके विधायक काल से ही संयुक्ता सामाजिक जीवन में सक्रिय हो गई थीं। पिछले 35 सालों से वह भाजपा से जुड़ी हैं। 70 वर्षीय संयुक्ता तमाम सामाजिक संगठनों में सक्रिय हैं।
मजबूत पक्ष
भाजपा महिला मोर्चा में लंबे समय से सक्रिय। पहचान का संकट नहीं। बेटा आरएसएस का विभाग कार्यवाह, लखनऊ व्यापार मंडल का उपाध्यक्ष इसलिए जीएसटी के चलते कारोबारियों की नाराजगी को दूर करने में मदद मिलेगी।
कमजोर पक्ष
सामाजिक समीकरण में पूरी तरह फिट नहीं। 70 वर्ष उम्र होने के नाते युवाओं को जोड़ने की चुनौती। नगर निगम की राजनीति का अनुभव नहीं।
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कुसुम का ब्यूरोक्रेसी से राजनीति में कदम
कांग्रेस की ओर से चुनाव मैदान में उतारी गईं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी कुसुम शर्मा ने ब्यूरोक्रेसी से राजनीति में कदम रखा है। उन्होंने 2015 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी। पिता न्यायिक अधिकारी और ससुर स्वतंत्रता सेनानी रह चुके हैं। (
अपने परिवार के साथ कुसुम शर्मा )
मजबूत पक्ष
- नया चेहरा, सेवानिवृत्त आईएएस, महिलाओं, आवास से जुड़े विभाग, राजस्व परिषद में रहीं, राजधानी में लंबे समय तक तैनाती, पिता न्यायिक अधिकारी, ससुर स्वतंत्रता सेनानी रहे, उनके संबंधों व साख का लाभ।
कमजोर पक्ष:
- सामाजिक, राजनीतिक क्षेत्र में सक्रियता नहीं रही, शहर के लोगों से सीधा जुड़ाव नहीं। नया चेहरा होने के कारण पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं से समन्वय में हो सकती है दिक्कत।
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आम आदमी पार्टी ने उतारा सबसे युवा उम्मीदवार
आम आदमी पार्टी के जिला संयोजक रहे गौरव माहेश्वरी की पत्नी हैं प्रियंका। आरक्षण तय होने से पहले गौरव का नाम चर्चा में था।
मजबूत पक्ष
34 वर्षीय प्रियंका एमबीए डिग्रीधारी, सबसे युवा उम्मीदवार, शहर के मुद्दों पर होम वर्क, यूथ कनेक्ट, डोर टू डोर कंपेन। पति गौरव माहेश्वरी का पेपर स्टेशनरी मैन्युफैक्चरिंग का कारोबार, प्रियंका संभालती रही है प्रोडक्शन यूनिट, व्यापार।
कमजोर पक्ष
आम आदमी पार्टी पहली बार मेयर पद पर चुनाव मैदान में, शहर में संगठन के नेटवर्क का अभाव। राजनीति में सक्रिय न रहने से चुनाव प्रचार व प्रबंधन के लिए पति पर निर्भरता। उम्मीदवारी को लेकर आम आदमी पार्टी में विरोध के चलते गुटबंदी का अंदेशा।
मीरा वर्धन के पास है आचार्य नरेंद्र देव की विरासत
सपा प्रत्याशी मीरा वर्धन प्रख्यात समाजवादी, शिक्षाविद्, लखनऊ विश्वविद्यालय और बीएचयू के कुलपति तथा सांसद, विधायक रह चुके आचार्य नरेंद्र देव के पौत्र यशोवर्धन की पत्नी हैं। पेट्रोल पंप की संचालिका हैं। आचार्य नरेन्द्र देव के नाम पर स्कूल भी चलाती हैं। मदनमोहन मालवीय मार्ग निवासी मीरा 54 साल की हैं।
मजबूत पक्ष:
खुद कारोबारी महिला, सामाजिक गधिविधियों में सक्रिय, गरीब बच्चों के शिक्षा के लिए आचार्य नरेंद्र देव एकेडमी का संचालन।
कमजो पक्ष:
राजनीति में सक्रिय नहीं रही, पति भी उद्यमी, बिना अनुभव के चुनाव मैदान में उतरीं। पार्टी में नया होने के नाते कार्यकर्ताओं, पार्टी नेताओं से तालमेल बैठाने की चुनौती। समृद्ध विरासत लेकिन सामाजिक समीकरण पूरी तरह अनुकूल नहीं।