बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पलटवार करते हुए उन पर जनता को भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया। उन्होंने मोदी के गोवा में दिए गए भाषण पर कहा कि मोदी ने देश के लिए अपना घर-परिवार सबकुछ छोड़ दिया तो ये अच्छी बात है, पर इसका ये मतलब नहीं कि वे जनहित से खिलवाड़ करते हुए देश की जनता को दुख पहुंचाने वाले फैसले करें और उस पर अड़े रहें।
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अपने जारी किए गए बयान में मायावती ने कहा कि इसके पहले भी पीएम मोदी ने ऊना में हुए दलितों पर हुए अत्याचार पर भावनात्मक प्रतिक्रिया दी थी, लेकिन दलित उत्पीड़न को रोकने के लिए उन्होंने कुछ नहीं किया।
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उन्होंने कहा कि 500 व 1000 रुपये के नोट बंद करने से देश का गरीब, किसान, मजदूर, कर्मचारी, व्यापारी व अन्य मेहनतकश तबका परेशान है और अपने मेहनत की कमाई को बचाने के लिए दर-दर की ठोकरे खा रहा है।
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उन्होंने कहा कि इस फैसले से जनता को थोड़ी राहत दी जानी चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा था कि वो भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सत्ता में आए हैं और विदेशों में जमा काला धन देश लाकर प्रत्येक गरीब के खाते में 15-15 लाख रुपये जमा करेंगे लेकिन अब तक उन्होंने कुछ नहीं किया। वहीं, इस मामले में चुप्पी साधकर उन्होंने नैतिक भ्रष्टाचार किया है।
मायावती ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार लोकसभा चुनाव के दौरान किए गए अपने वादों पर खरा नहीं उतर पाई है और अब उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड व पंजाब में विधानसभा चुनाव को देखते हुए देश की जनता का ध्यान बंटाने का काम कर रही है।