बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा खुद को फकीर बताने पर कटाक्ष किया है। कहा, मोदी पूंजीपतियों व धन्नासेठों के संरक्षक हैं। वह फकीर नहीं बल्कि बड़े मालदार आदमी हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के भ्रष्टाचार व गरीबों के हित की लड़ाई के दावे पर भी सवाल उठाया। कहा, उन्हें ढाई साल में लोकपाल की नियुक्ति न करने का जवाब देना चाहिए।
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बसपा अध्यक्ष शनिवार को यहां पार्टी के प्रदेश कार्यालय पर पत्रकारों से मुखातिब थीं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने के लिहाज से भी मोदी का रिकॉर्ड कभी ठीक नहीं रहा। उन्होंने गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए लोकायुक्त संगठन को पंगु बनाए रखा।
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मायावती नोटबंदी के बाद जन-धन खातों में जमा की गई बड़ी रकम पर खाताधारकों का ही अधिकार होने से जुड़े पीएम के बयान पर भी बरसीं। उन्होंने कहा कि जन-धन खातों के बारे में मोदी ने जो कुछ कहा है, उसमें परोक्ष रूप से धन्नासेठों को लाभ पहुंचाने की साजिश नजर आती है। उन्हें बताना चाहिए कि जन-धन खाते का पैसा कहां गया।
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उन्हें बताना चाहिए कि कालेधन को सफेद करने की जो पुरानी स्कीम चलाई थी, उसमें 64 हजार करोड़ रुपये आए थे। क्या उन्होंने वह पैसा गरीबों में बांटा? उस पैसे को गरीबों में बांटना चाहिए। उन्होंने मोदी की मुरादाबाद रैली को भी फ्लॉप बताया। कहा कि उत्तराखंड से लोगों की भीड़ जुटाने के बावजूद रैली फेल हो गई।
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वर्ष 2019 में मोदी को गुजरात वापस भेज देगी जनता
मायावती ने कहा कि प्रधानमंत्री ने नोटबंदी के फैसले में न तो वित्तमंत्री से पूछा, न जाने-माने अर्थशास्त्री से बात की, जल्दबाजी में फैसला लेकर देश को पीछे धकेल दिया। इसके पीछे बहुत बड़ा षड्यंत्र नजर आ रहा है। देश की जनता अब इनके किसी जुमलेबाजी के चक्कर में आने वाली नहीं है। जनता वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्हें ब्याज सहित जवाब देकर गुजरात भेज देगी।
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सीएम अखिलेश यादव पर भी साधा निशाना
बसपा सुप्रीमो ने कहा, भ्रष्टाचार की लड़ाई में बबुआ व बीबीसी-2 भी कम गुनहगार नहीं हैं। इन्होंने सूबे को जंगल राज व अराजकता की भट्ठी में झोंककर लोगों का जीवन नर्क बना दिया है। दूसरी ओर, बैंक और एटीएम पर परेशान खड़े लोगों की मदद की जगह लाठीचार्ज करवा रहा है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी से बने विषम हालात की राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजनी चाहिए, लेकिन किसी ने नहीं भेजी।
उन्होंने छह दिसंबर के मद्देनजर प्रदेश में सुरक्षा बंदोबस्त का ठीक से इंतजाम न करने का भी आरोप लगाया। मायावती ने कहा कि सपा अखिलेश यादव और शिवपाल सिंह यादव के खेमे में बंटी हुई है। भाजपा को रोकने के लिए मुसलमानों को न तो सपा को वोट देना चाहिए न ही कांग्रेस को, सिर्फ बसपा को वोट करना चाहिए।