बसपा सुप्रीमो ने पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद को पहले बोलने का मौका देकर पार्टी के भविष्य की तस्वीर भी साफ कर दी। उन्होंने कहा कि आकाश अब पार्टी के मूवमेंट से पूरी तरह जुड़ चुके हैं। पूरी लगन और मेहनत से काम कर रहे हैं।
बसपा की रैली में परिवारवाद का साया नजर आया। बसपा सुप्रीमो मायावती ने बिहार चुनाव की कमान संभाल रहे अपने भतीजे व पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद के यूपी की सियासत में फिर सक्रिय होने के संकेत दिए। उनके हावभाव से साफ हो गया कि अब आकाश ही पार्टी का भविष्य हैं।
आकाश भी रैली के दौरान बसपा सुप्रीमो के साथ परछाई की तरह रहे। अपने भाई आनंद कुमार के लिए मायावती ने कहा कि वह राष्ट्रीय उपाध्यक्ष होने के साथ मेरी गैर-मौजूदगी में दिल्ली में सारा कामकाज संभालते हैं।
मायावती ने रैली में राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा के बेटे कपिल मिश्रा द्वारा हेल्थ कैंप लगाने की सराहना की। इससे कपिल को जल्द ही पार्टी में कोई अहम जिम्मेदारी मिलने की संभावना है।
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रैली में संबोधित करते राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद।
- फोटो : शुभम बंसल
आकाश ने दिखाई परिपक्वता
आकाश ने अपने आठ मिनट के संबोधन में परिपक्वता दिखाते हुए किसी भी दल या नेता पर निशाना नहीं साधा। अपना भाषण कांशीराम और मायावती तक सीमित रखा। उन्होंने कहा कि कांशीराम के संघर्षों को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। बसपा सुप्रीमो कांशीराम के अधूरे सपने को पूरा करने में लगी हैं।
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रैली में मायावती के पैर छूकर आर्शिवाद लेता भतीजा आकाश आनंद
- फोटो : शुभम बंसल
उन्होंने बसपा प्रमुख को पांचवीं बार सीएम बनाने के लिए समर्थकों में जोश भरने का प्रयास किया। कहा, लाखों लोगों की भीड़ देखकर कह सकता हूं कि यूपी में बसपा की पांचवीं बार मायावती के नेतृत्व में सरकार बनने जा रही है। बसपा को केंद्र और राज्य की सत्ता में लाना है। इस दौरान कार्यकर्ताओं का उत्साह देखने वाला था।
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पूर्व मुख्यमंत्री व राष्ट्रीय अध्यक्ष बसपा मायावती समर्थकों का हाथ उठाकर अभिवादन करते हुए।
- फोटो : शुभम बंसल
... आकाश का देना है साथ
बसपा सुप्रीमो ने पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद को पहले बोलने का मौका देकर पार्टी के भविष्य की तस्वीर भी साफ कर दी। उन्होंने कहा कि आकाश अब पार्टी के मूवमेंट से पूरी तरह जुड़ चुके हैं। पूरी लगन और मेहनत से काम कर रहे हैं। जिस तरह आपने कांशीराम के बाद मेरा साथ दिया, उसी तरह आकाश का भी देना है।
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भतीजा आकाश आनंद का सहारा लेकर उतरते हुए मायावती
- फोटो : शुभम बंसल
उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय महसचिव सतीश चंद्र मिश्रा को ब्राह्मणों और विधायक उमाशंकर सिंह को क्षत्रियों को जोड़ने की जिम्मेदारी सौंपी। मायावती ने संगठन के विस्तार के लिए प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल के कार्यों की सराहना की। साथ ही सतीश चंद्र मिश्रा के बेटे कपिल मिश्रा के दोबारा सक्रिय होने की सराहना की।
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रैली में संबोधित करती पूर्व मुख्यमंत्री व राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती।
- फोटो : शुभम बंसल
निशाने पर रहे अखिलेश
मायावती ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जमकर हमला बोला। दरअसल, लोकसभा चुनाव में बसपा के साथ गठबंधन करके सपा को दलित वोटबैंक मिलने से खासा फायदा हुआ था। तब से अखिलेश लगातार दलितों को रिझाने में जुटे हैं।
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समर्थकों का हाथ उठाकर अभिवादन करते हुए मायावती, सतीश चन्द्र मिश्रा, भतीजा आकाश व अन्य बसपा नेता।
- फोटो : शुभम बंसल
सपा लगातार दलित महापुरुषों के सम्मान में कार्यक्रम भी करती रहती है। दलित वोटबैंक के छिटकने के डर से मायावती ने अखिलेश को ही निशाने पर लेकर यह संदेश दिया कि दलितों का हित बसपा में ही सुरक्षित है।
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बसपा की ओर से आयोजित रैली में पहुंचे बसपा सर्मथक
- फोटो : शुभम बंसल
दिहाड़ी पर नहीं आए लोग
बसपा सुप्रीमो ने विपक्षी दलों की रैलियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि हमने दूसरे दलों की तरह दिहाड़ी पर लोगों को नहीं बुलाया है। ये अपने खून-पसीने की कमाई से यहां आए हैं। दूसरे राज्यों से रैली में आए लोगों के लिए कहा कि उन्हें बुलाया नहीं गया था। मेरी नाराजगी के डर से छिपकर बैठे हैं। मैं नाराज नहीं हूं। उन्होंने यहां जो सीखा और देखा उसे अपने राज्य में जाकर बताएं ताकि मेरे वहां आने पर इसी तरह का आयोजन हो सके।
बसपा की ओर से आयोजित रैली में पहुंचे बसपा सर्मथक
- फोटो : शुभम बंसल
कांग्रेसी संविधान की प्रति लेकर कर रहे नौटंकी
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मायावती ने कहा कि इमरजेंसी के वक्त बाबा साहेब के बनाए संविधान को प्रभावहीन बनाने वाली पार्टी के लोग अब संविधान की प्रति हाथ में लेकर नौटंकी कर रहे हैं। इन्होंने कभी बाबा साहब को भारत रत्न नहीं दिया। कांशीराम के देहांत पर कांग्रेस और सपा सरकार ने शोक घोषित नहीं किया। मंडल कमीशन की रिपोर्ट लागू नहीं की जिसे बसपा के प्रयासों के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री वीपी सिंह ने लागू किया।