यूपी में कांग्रेस से गठबंधन होने पर विधानसभा चुनाव में 300 सीटें जीतने के सीएम अखिलेश यादव के दावे पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने पलटवार किया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ये वास्तव में एक 'बबुआ' द्वारा कही गई 'बबुआ' जैसी बातें हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के मुखिया यूपी में विकास की बातें करते हैं, कानून-व्यवस्था में सुधार की बातें करते हैं। अगर उन्होंने काम किया होता तो सपा का शीर्ष नेतृत्व कांग्रेस से गठबंधन के लिए इतना उतावला न होता।
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अपने जारी किए गए बयान में यूपी के राज्यकर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का तोहफा देने को बसपा सुप्रीमो ने देर से उठाया गया कदम बताया। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार को इसी तरह अन्य कर्मचारियों की जायज मांगो पर भी विचार कर लेना चाहिए था परन्तु आये दिन उन्हें सपा सरकार के लाठी-डन्डे खाने पड़ रहे हैं।
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मायावती ने कहा कि सच तो ये है कि राज्य के कर्मचारियों व शिक्षकों में सरकार की जातिवादी नीतियों के कारण आक्रोश व्याप्त है। अब सपा सरकार ने जन कल्याण के जो फैसले किए है वो जनकल्याण के लिए कम व अपने स्वार्थ की पूर्ति के लिए किए हैं।
मायावती ने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश जिन कार्यों का लोकार्पण कर रहे हैं। जिनमें से मेट्रो ट्रेन, लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे सभी अधूरे हैं लेकिन इनका भुगतान कर दिया गया है, जो कि एक तरह का भ्रष्टाचार है। बसपा की सरकार आने पर इन सभी मामलों की जांच की जाएगी।