यूपी में रही अलग-अलग जगह तैनाती
अनिल मांडवगणे ने बताया कि दिसंबर 2009 में बेटे को कमीशन मिला। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद निनाद को सहारनपुर, गोरखपुर, गुवाहाटी में तैनाती मिली। जनवरी में उसे श्रीनगर भेजा गया। ड्यूटी के लिए वह हमेशा गंभीर रहता था। सेना में हो रही बातों को कभी परिवार के साथ साझा नहीं किया।
उसे बेटी के जन्मदिन पर लखनऊ आना था, लेकिन वायुसेना को जरूरत की वजह से कार्यक्रम टाल दिया। मंगलवार शाम भी उससे बात हुई। श्रीनगर जाने से पहले 15 दिन वह परिवार के साथ नासिक में था।