अखिल भारतीय सम्मेलन में देश के विभिन्न इलाकों से आए किन्नरों ने रविवार को हाथी, ऊंट व रथ पर सवार होकर जुलूस निकाला। बैंडबाजे के साथ नाचते गाते आलमबाग के राधाकृष्ण मंदिर में माथा टेका।
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30 किलो का घंटा बांधने के साथ चांदी के दो कलश चढ़ाते हुए किन्नरों के हित में मनौती मानी। कृष्णानगर में वीआईपी रोड स्थित एक गेस्टहाउस से किन्नरों के जुलूस को लेकर रविवार सुबह से ही गहमागहमी थी।
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पुलिस-पीएसी के जवान तैनात थे। हाथी-ऊंट व पांच रथों पर गहनों से लदे किन्नर सवार हुए। बैंडबाजे के साथ निकले जुलूस में बड़ी संख्या में किन्नर नाचते-गाते चल रहे थे। किसी ने परी का भेष धारण किया तो कोई तिरंगी साड़ी पहनकर देशभक्ति का इजहार कर रहा था।
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दोपहर 12:30 बजे गेस्ट हाउस से निकला जुलूस आजादनगर होते हुए आलमबाग स्थित राधा-कृष्ण मंदिर पहुंचा। विभिन्न धर्मों से जुड़े किन्नरों ने श्रद्धा के साथ 30 किलो पीतल का घंटा बांधा। चांदी के दो कलश चढ़ाने के साथ पूजापाठ किया।
किन्नर समाज के हित में प्रार्थना की और मनौती मानी। जुलूस में किन्नर पायल सिंह, किरन हाजी, आरती, सुमन, सिया समेत दिल्ली, पंजाब, कोलकाता व अन्य प्रदेशों के किन्नरों के कार्यक्रम को देखने के लिए भीड़ उमड़ी थी। जुलूस के बाद गेस्टहाउस लौटे किन्नरों ने आपसी विवादों की सुनवाई की। दोषी नजर आए किन्नरों को दंड सुनाया गया।