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दो दोस्तों संग मिल की सगे भाई की बेरहमी से हत्या, कुछ दिनों पहले ही पिता ने किया था संपति का बंटवारा

Fri, 28 Sep 2018 04:15 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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मनीष( फाइल फोटो) और घर में बिखरा खून - फोटो : amar ujala
लखनऊ में गाजीपुर के इंदिरानगर डी-ब्लॉक निवासी मुुकुंद सिंह ने करोड़ों की संपत्ति के लालच में सगे भाई मनीष सिंह (30) की गला रेतकर हत्या कर दी। आरोपी ने वारदात बुधवार रात अपने दो दोस्तों अवधेश व आकाश संग मिलकर अंजाम दी। मरीष हरदोई के टुढ़िया स्थित प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक था। पुलिस ने हत्या की सूचना मिलने के महज तीन घंटे में ही तीनों आरोपियाें को गिरफ्तार कर पर्दाफाश कर दिया। वारदात का खुलासा सीसीटीवी कैमरे से मिले फुटेज से हुआ। बकौल पुलिस, 22 दिन पहले ही संपत्ति का बंटवारा हुआ था। 
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हत्या - फोटो : amar ujala
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी के मुताबिक, हरदोई के गौर खास निवासी सुरेश कुमार सिंह आवास विकास परिषद में सेक्शन ऑफिसर के पद से रिटायर्ड हैं। उनके दो बेटे मनीष सिंह व मुुकुंद सिंह इंदिरानगर के सेक्टर डी स्थित आवास पर रहते हैं। पत्नी की कुछ दिनों पहले सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। सुरेश बुधवार को उन्नाव स्थित अपने ससुराल गए थे। सुरेश ने रात 10 बजे मनीष के मोबाइल पर कई बार कॉल की, लेकिन फोन बंद था। वह बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे घर पहुंचे। हाथ लगाते ही दरवाजा खुल गया। अंदर बेटे मनीष का शव देखकर वे सन्न रह गए। फर्श व बेड पर खून बिखरा हुआ था। शव बेड के पास जमीन पर पड़ा था। 
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हत्या - फोटो : amar ujala
चीख-पुकार पर पड़ोसी इकट्ठा हो गए और पुलिस को सूचना दी गई। अपर पुलिस अधीक्षक ट्रांसगोमती हरेंद्र कुमार के मुताबिक, मौके पर सीओ गाजीपुर, सीओ अलीगंज, सीओ महानगर सहित गाजीपुर, गुडंबा, मड़ियांव, इंदिरानगर सहित आधा दर्जन थानों की पुलिस पहुंच गई। मनीष की हत्या गला रेतकर की गई थी।

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हत्या - फोटो : amar ujala
शरीर पर कई जगह हथियार से वार किए गए थे। गर्दन एक तरफ से कटी थी। पेट पर चार जगह चाकू के निशान थे। वहीं, पुलिस ने आशंका जताई कि मनीष का गला भी दबाया गया था। उसकी जीभ बाहर निकली थी। डॉग स्क्वॉयड की टीम घर से कुछ दूरी तक गई और घर के दरवाजे पर रुक गई।
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हत्या - फोटो : amar ujala
सीसीटीवी कैमरे से मिला सुराग
भूतनाथ चौकी प्रभारी कमलेश राय के मुताबिक, शिक्षक मनीष इंदिरा नगर के डी ब्लाक स्थित आवास विकास में कॉलोनी में रहता था। पूरी कॉलोनी में आठ सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। मनीष का फ्लैट थर्ड फ्लोर पर रहता था। वहां भी सामने व पीछे दोनों तरफ कैमरे लगे हैं। पुलिस ने कैमरे खंगाले तो मनीष के फ्लैट के सामने लगे कैमरे का तार हटा था। जबकि नीचे के सभी कैमरे ठीक थे। पुलिस ने डेटा वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर) खंगाला तो कई अहम सुराग लगे। मुंह बांधकर मुकुंद ने ही फ्लैट के सामने लगे कैमरे से छेड़छाड़ की थी। उसकी यह हरकत दूसरे कैमरे में कैद हो गई। कपड़ों से उसकी पहचान हो गई। 
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सीओ अलीगंज व क्राइम दीपक कुमार सिंह ने कड़ाई से पूछताछ की तो मुकुंद ने पूरी हत्या की कहानी कुबूली। मुकुंद ने हत्या के लिए दोस्तों अवधेश गुप्ता व आकाश का सहयोग लिया। आकाश सर्वोदयनगर में किराए पर रहता है। जबकि अवधेश सेक्टर -16 में। दोनों भूतनाथ स्थित एक ज्वेलरी शॉप में काम करते थे। तीनों की दोस्ती विभूतिखंड स्थित एक संस्थान में काम करने के दौरान हुई थी।
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दोस्तों को सुनाई झूठी कहानी, बताया चचेरा भाई
सीओ क्राइम के मुताबिक, आरोपी मुकुंद ने अवधेश व आकाश से मनीष को अपना चचेरा भाई बताया। उसने दोस्तों को बताया कि मनीष पिता से पूरी संपत्ति हासिल कर रहा है। उसी ने चार साल पहले मां की हत्या कराई और उसे हादसा बताया। संपत्ति में हिस्सा मिलने के लालच में अवधेश व आकाश वारदात में शामिल हो गए।

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सीओ गाजीपुर अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव के मुताबिक, मुकुंद ने घटना के समय अपने दोस्त के घर जाने की बात कही थी, लेकिन वारदात के कुछ देर बाद मौके पर पहुंचने पर ही पुलिस को उस पर शक हो गया था। पूछताछ में मुकुंद ने बताया कि देर शाम मनीष विद्यालय से लौटा तो उसने पॉलीटेक्निक चौराहे बुलाया।

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दोनो भाई रात करीब नौ बजे घर पहुंचे। मुकुंद दोस्त के घर रुकने की बात कहकर चला गया। मनीष घर पर अकेला था। वह रात 10 बजे घर लौटा तो मनीष शराब पी रहा था। खटखटाने पर मनीष ने दरवाजा खोला और वह सोने चला गया। कुछ देर बाद मुकुंद ने दरवाजा खोला और सीसीटीवी कैमरे का तार निकाल दिया। कुछ देर बाद अवधेश व आकाश भी पहुंच गए। 

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एएसपी ट्रांसगोमती के क्राइम व सर्विलांस सेल प्रभारी अजय प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि मनीष को घर पहुंचाने के बाद ही मुकुंद ने साजिश रचनी शुरू कर दी थी। वारदात आसानी से अंजाम देने के लिए उसने मनीष के लिए मैगी बनाई। इसमें नींद की गोलियां मिला दीं। साथ ही उसके लिए बीयर भी मंगायई। मैगी खाने व बीयर पीने के बाद मनीष को नींद आ गई थी। मुकुंद ने पहले बेसुध पड़े भाई का गला दबाया। 

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इसके बाद उसकी गर्दन को दाहिनी तरफ से रेता। फिर पेट व सीने पर चार बार चाकू से वार किए। इस दौरान मनीष छटपटाने लगा तो आकाश ने अपने बायीं हाथ की उंगली काट ली। हत्या के बाद आकाश व अवधेश अपने मकान पर चले गए। मुकुंद इंदिरानगर में रहने वाली अपनी गर्लफ्रेंड के घर पहुंचा और पूरी रात वहीं बिताई। दोपहर को जब पिता ने फोन कर मनीष की हत्या की जानकारी दी तो वह लौटा।

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नवरात्रि में होनी थी सगाई
मनीष के पिता सुरेश ने बताया कि मनीष की शादी एसडीएम सरोजनी नगर की स्टेनो से तय हो चुकी थी। कुछ दिन पहले उसके परिवार में एक हादसा हो गया था। जिसके कारण सगाई को टाल दिया गया था। नवरात्रि में सगाई की तारीख भी तय कर रखी थी।
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22 दिन पहले पिता ने किया था संपति का बंटवारा
पॉलीटेक्निक चौकी प्रभारी राजेश कुमार राय के मुताबिक, मनीष के पिता सुरेश ने 22 दिन पहले पांच सितंबर को गांव और लखनऊ की संपत्तियों का बंटवारा किया। मुकुंद कोई काम नहीं करता था। वहीं, मनीष प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक था। पिता का झुकाव भी उसी की तरफ था। यह बात मुकुंद को हमेशा सालती थी। संपत्ति के बंटवारे के बाद से ही वह मनीष को रास्ते से हटाने की साजिश रच रहा था। 
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