गुरु पूर्णिमा पर 16 जुलाई को खंडग्रास चंद्रग्रहण होगा। ग्रहण रात 1 बजकर 37 मिनट से शुरू होगा, जो सुबह 4:36 बजे तक करीब 179 मिनट रहेगा। ग्रहण के नौ घंटे पहले सूतक लग जाएगा और लखनऊ के तमाम मंदिरों के कपाट बंद हो जाएंगे। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक इसे लखनऊ समेत प्रदेश और भारत के कई हिस्सों में देखा जा सकेगा।
गोमतीनगर निवासी आचार्य प्रदीप ने बुधवार का बताया कि 16 जुलाई आषाढ़ पूर्णिमा की देर रात 1:37 मिनट से चंद्रग्रहण स्पर्श शुरू होगा। खंडग्रास चंद्रग्रहण की कुल अवधि लगभग 179 मिनट की रहेगी। स्पर्श रात को 1:36 बजे होगा, मध्य 3:07 बजे और चंद्रग्रहण का मोक्ष सुबह 4:36 बजे होगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
देश के अधिकतर भू-भाग से इस ग्रहण का स्पर्श, मध्य और मोक्ष देखा जा सकेगा। चूंकि चंद्रग्रहण में नौ घंटों पहले से सूतक लग जाता है, इसलिए सूतक काल शाम 4:30 बजे से शुरू हो जाएगा, जिसके चलते नगर के सभी मंदिरों के कपाट बंद हो जाएंगे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
ग्रहण के अगले दिन खुलेंगे मंदिरों के कपाट
शहर के तमाम मंदिरों के कपाट मंगलवार को शाम 4:30 बजे के बाद बंद हो जाएंगे। नगर के तमाम हनुमान मंदिरों में भी पूर्णिमा पर पूजन दर्शन सुबह से शाम 4:30 बजे के पहले ही किए जा सकेंगे। हनुमान सेतु मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य चंद्रकांत द्विवेदी ने बताया कि चूंकि चंद्रग्रहण का सूतक काल 4:31 बजे से शुरू हो रहा है, इसलिए मंदिर उसी समय से बंद कर दिया जाएगा। शाम की आरती नहीं होगी, श्रद्धालुओं को इसकी सूचना भी दी जा रही है। मंदिर अगले दिन सुबह 5 बजे धुलाई के बाद दर्शन के लिए खुलेगा।
वृष, धनु और मिथुन राशि के जातक ग्रहण न देखें
आचार्य प्रदीप ने बताया कि चंद्रग्रहण कर्क, तुला, कुंभ, मीन राशि के जातकों के लिए शुभ फलकारक है। कन्या, वृश्चिक, मकर, मेष, सिंह के लिए कोई खास शुभ फलकारक नहीं है, लेकिन वृष, मिथुन, धनु राशि के जातकों के लिए शुभ नहीं है। पीड़ा और हानि हो सकती है। इसलिए इन राशि के लोगों को ग्रहण देखने से बचना चाहिए।