बच्चों के खिलौने टूटकर बिखरे पड़े थे तो बर्तन, साइकिल मलबे में दबकर कबाड़ हो गए थे। कपड़े, कथरी, तिरपाल फटे-नुचे हाल में थे। राशन ईंटों के नीचे दबा था। बारिश व कीचड़ के बीच तबाह हुई गृहस्थी के यही निशां बाकी थे। दीवार के नीचे दबे मजदूरों की उन चीखों को महसूस किया जा सकता था, जो बारिश में दबकर रह गईं और जिन्हें समय रहते मदद नहीं मिल सकी। दम तोड़ती बच्ची, उसकी मां व पिता की तस्वीर आंखों के सामने घूमती दिखी। कुछ ऐसा ही मंजर शुक्रवार को दिलकुशा में दीवार गिरने से हुए हादसे के बाद मौके पर नजर आया। बारिश के बीच ‘अमर उजाला’ की टीम घटनास्थल पर पहुंची, जहां मजदूरों की गृहस्थी बिखरी पड़ी थी। भारी बारिश के चलते गुरुवार आधी रात दिलकुशा में सैन्य अफसरों के गौर कॉन्क्लेव की 50 फीट की दीवार का एक हिस्सा गिर गया, जिसके नीचे मजदूर व उनके परिवारीजन दब गए।
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लखनऊ
- फोटो : amar ujala
जब तक मदद मिलती, कइयों के दम टूट चुके थे। जो जिंदा बचे थे, उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे में नौ लोगों की मौत हो गई, जिनमें तीन बच्चे थे।
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जानकारी अनुसार झांसी के रहने वाले मजदूर गौर कॉन्क्लेव की दीवार की मरम्मत के लिए ही वहां रुके हुए थे। उन्होंने दीवार से सटाकर प्लास्टिक के शेड, तिरपाल व बांस से घर बना रखे थे। कुछ झोपड़े दीवार से दूर सड़क के पार बने थे, जिनमें रहने वाले दुर्घटना से बच गए थे।
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...इसलिए हुआ हादसा
गौर कॉन्क्लेव में डेढ़ सौ से अधिक सैन्य अफसर रहते हैं। इनके आवास दीवार से कुछ दूरी पर हैं। दीवार और आवास के बीच मिट्टी-जंगल है। दूसरी ओर भी जंगल है। गुरुवार को भारी बारिश के चलते मिट्टी पोली हो गई और दीवार गिरने से हादसा हो गया। दीवार की नींव काफी गहरी थी।
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सुबह पांच बजे घनघनाए अधिकारियों के फोन
सुबह के करीब पांच बजे थे। कमिश्नर रोशन जैकब और सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल ने सिविल अस्पताल को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया। दुर्घटनास्थल पर मरीजों को लाने के लिए दो टीमें एंबुलेंस से रवाना की गईं। मगर एंबुलेंस से वहां से महज दो जिंदा जख्मी मजदूर अस्पताल लाए गए। दोनों की हालत खतरे से बाहर थी।
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लखनऊ में हादसा
- फोटो : अमर उजाला
सीएमओ ने सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरपी सिंह को कॉल कर बड़े हादसे की जानकारी देते हुए अस्पताल को हाई अलर्ट पर रहने को कहा गया। इमरजेंसी को खाली करा लिया गया। दो एंबुलेंस से डॉक्टर-स्टाफ को मौके पर भेजा गया। कुल 11 लोग अस्पताल में लाए गए। डॉक्टरों ने जांच पड़ताल के बाद नौ लोगों को मृत घोषित करके उनके शव मॉर्च्युरी भिजवा दिए। जबकि जख्मी राघवेंद्र व गोलू को भर्ती किया गया।
बारिश में दीवार गिरी, मलबे में दबे 9 की मौत
आपको बता दें कि कैंट इलाके के दिलकुशां में सेना के आफिसर्स कालोनी गौर इंक्लेव की दीवार तीन दिन से हो रही बारिश में भरभराकर गिर गई। दीवार के मलबे में दबकर दो परिवार के नौ लोगों की मौत हो गई। सभी वहीं निर्माणाधीन दीवार के मजदूरी करते थे। हादसा शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे हुआ। हादसे का शिकार हुए सभी मृतक झांसी और मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ के रहने वाले हैं।