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यूपी बोर्ड Result: सफलता के फलक पर लखनऊ के होनहारों ने लिख दिया इतिहास, बताया सक्सेस मंत्रा

Mon, 30 Apr 2018 09:04 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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यूपी बोर्ड - फोटो : amar ujala
यूपी बोर्ड परीक्षा में लखनऊ के होनहारों ने सफलता के फलक पर इतिहास रच दिया और अपने गुरुजनों और परिवारीजनों का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया। जानें- क्या हैं इनके सक्सेस मंत्रा-
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एलपीएस बी ब्लॉक, राजाजीपुरम की अल्मास खान ने 10वीं में 93.67 अंक पाकर प्रदेश में छठा और लखनऊ में टॉप किया है। अल्मास कहती हैं कि सभी को अपनी बेटियों को पढ़ाई व उनके सपनों को पूरा करने में सहयोग करना चाहिए। परिवार के लोगों का सहयोग किसी भी क्षेत्र में आगे जाने के लिए जरूरी है। बेटियां पढ़ेंगी तो पूरे परिवार को शिक्षित करेंगी। आज किसी भी क्षेत्र में आगे जाने के लिए शिक्षा जरूरी है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई को आगे बढ़ाने में कभी ऐसी समस्या नहीं हुई। मां अफशाना खान गृहिणी और पिता जफर आलम शिक्षक हैं। उन्होंने मेरी पढ़ाई पर खास ध्यान दिया। अल्मास बड़ी बहन सिमी फलक व नबीना खान से प्रभावित है। उसका सपना इंजीनियर बनना है। अल्मास कहती हैं कि इंजीनियरिंग के क्षेत्र में कुछ ऐसा खास करूंगी ताकि सामाजिक विकास को गति मिले। आज-कल होने वाले निर्माण कार्यों में अक्सर गड़बड़ी और भ्रष्टाचार की जानकारी मिलती है। इस पर खास ध्यान दूंगी। खुद की पढ़ाई पर भरोसा कर टॉपर बनीं हूं और आगे भी लक्ष्य पूरा करूंगी। अल्मास अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों व परिजनों को देती है। वो कहती है कि पढ़ाई में घंटे मायने नहीं रखते। विद्यार्थी अपने नोट्स बनाएं। ध्यान से पढ़ाई और रिवीजन करें। क्लास में दी जानकारी को ठीक से नोट करें। इसी से सफलता मिलेगी।
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91.8 प्रतिशत अंकों के साथ कीर्ति व अंकुश ने संयुक्त रूप से प्रदेश में पांचवां तो लखनऊ में किया टॉप
एसकेडी इंटर कॉलेज की कीर्ति सिंह और लखनऊ पब्लिक कॉलेज के अंकुश सोनकर ने संयुक्त रूप से इंटर में 91.8 प्रतिशत अंक हासिल कर प्रदेश में पांचवां और लखनऊ में पहला स्थान हासिल किया। इंजीनियरिंग में अपना भविष्य संवारने का लक्ष्य रखने वाली कीर्ति सिंह के पिता शिव बहादुर सिंह राजकीय हुसैनाबाद इंटर कॉलेज में शिक्षक हैं। वहीं, माता रेनु यादव प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका हैं। यहां तक पहुंचने के लिए कीर्ति ने केवल सेल्फ स्टडी पर भरोसा किया। कीर्ति ने बताया कि स्कूल से जो भी नोट्स और असाइनमेंट मिले उसकी फोकस होकर रोजाना पढ़ाई की। वो अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और स्कूल के शिक्षकों को देती है। वो कहती हैं कि कड़ी मेहनत और लगन से हर परीक्षा पास की जा सकती है। (परिवार के साथ कीर्ति सिंह।)
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यूपी बोर्ड - फोटो : amar ujala
लखनऊ पब्लिक कॉलेज के इंटर के छात्र अंकुश सोनकर आईआईटी से इंजीनियरिंग करना चाहते हैं। अंकुश को सेल्फ स्टडी पर भरोसा है। वो कहते हैं कभी कोचिंग नहीं की। स्कूल में जो पढ़ाया उसी के नोट्स बनाकर रिवीजन करता रहा और एक्स्ट्रा क्लास में अपने उत्सुकताओं को शांत किया। वो अपनी सफलता का श्रेय बिजनेसमैन पिता अरविंद कुमार सोनकर, माता सुमन और स्कूल शिक्षकों को देते हैं। दूसरे बच्चों को टिप्स देते हुए अंकुश कहते हैं कि अपने पर भरोसा रखें। स्कूल पढ़ाई के अलावा अपने नोट्स भी बनाएं। (पिता के साथ अंकुर सोनकर।)
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