लखनऊ मेट्रो की टनल बोरिंग मशीन (गोमती) ने आज छह महीने की लगातार मेहनत के बाद सचिवालय से हजरतगंज तक की मेट्रो सुरंग का काम पूरा कर दिया। मेट्रो कर्मचारियों के साथ यह पूरे शहर के लिए एक यादगार पल है। छह माह से लगातार अंधेरी गुफा में काम कर रही टनल मशीन ने आज दिन का उजाल देखा।
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टनल से बाहर निकलती मशीन
मेट्रो प्रोजेक्ट के कर्मचारी इस उपलब्धि पर काफी खुश नजर आए। यह काम बिना किसी बाधा के पूरा हुआ। शहर का सबसे व्यस्त और ऐतिहासिक इमारतों का क्षेत्र होने के चलते इसे लेकर विशेष सावधानी बरती जा रही थी। जमीन के ऊपरी हिस्से में सामान्य यातायात बना रहा और नीचे बोरिंग मशीन अपना काम करती रही।
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टनल से बाहर निकलती मशीन
सचिवालय और हरजरतगंज की ऐतिहासिक मार्केट को इस पूरी खुदाई में कोई नुकासन नहीं हुआ, इसे लेकर कर्मचारी राहत महसूस कर रहे हैं। शहरवासियों को जल्द से जल्द मेट्रो की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन अपनी ओर से कोई कसर नहीं छोड़ रहा है।
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टनल से बाहर निकलती मशीन
एलएमआरसी के प्रबंध निदेशक कुमार केशव ने बताया कि यह अनूठी उपलब्धि लखनऊ मैट्रो प्रोजेक्ट टीम की कड़ी मेहनत तथा प्रतिबद्धता के चलते ही संभव हो सकी है। इस मार्ग पर सुरंग बनाने में काफी तकनीकी चुनौतियां सामने आईं, क्योंकि यह मार्ग काफी भीड़भाड़ वाले क्षेत्र के नीचे से गुज़रता है।
इनमें कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों के बेसमेंट भी हैं, जिनकी वजह से ट्रैक ग्राउंड12 से 15 मीटर नीचे बिछाना पड़ा। इस काम को पूरा करने के साथ ही एलएमआरसी ने उत्तर प्रदेश में भूमिगत मेटो के निर्माण में पहली टनल बोरिंग मशीन ड्राइव पूरी करते हुए एक सर्वोच्च कीर्तिमान हासिल कर लिया है।