अलीगंज सेक्टर डी में सोमवार को हुए अग्निकांड में जलने वाले हैक्सार स्टूडियो की बड़ी खामियां सामने आई हैं। स्टूडियो की छत पर तारों का मकड़ जाल बना हुआ था। इतना ही नहीं स्टूडियो में बड़ी हो छोटी फॉल्ट संचालक उसे खुद दुरस्त कर देते थे।
घटनास्थल पर मंगलवार को पहुंचे पूर्व छात्र विश्वनाथ ने बताया कि जिस तल पर स्टूडियो बना हुआ था वहां पहले लाइब्रेरी थी, जो करीब डेढ़ साल पहले बंद हो गई थी। वह करीब चार साल से लाइब्रेरी जा रहे थे। उस दौरान लाइब्रेरी की पूरी छत पर तारों का जाल बिछा हुआ था। इस छिपाने के लिए लाइब्रेरी संचालक ने एक आर्टिफिशियल छत बनाई गई थी। यह थर्माकोल और फाइबर से बनी हुई थी। अगर कोई समस्या होती भी थी तो वह खुद ही सही कर लेते थे।