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Building Collapse Photos: हादसे से पहले आई अजीब सी आवाज... सब भागकर बाहर निकले, जैसे ही लौटे; ढह गई इमारत

Sun, 08 Sep 2024 10:05 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
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Lucknow Building Collapse - फोटो : अमर उजाला
लखनऊ के ट्रांसपोर्टनगर में शनिवार शाम बारिश के दौरान शहीद पथ के किनारे इमारत (हरमिलाप टावर) के जमींदोज होने से कुछ मिनट पहले बिल्डिंग के भीतर अजीब सी धड़धड़ाने की आवाज आई। कुछ शंका हुई तो करीब सभी कर्मचारी बाहर निकले। फिर सब सामान्य लगा तो वापस अंदर आ गए। इसके चंद मिनट बाद अचानक इमारत भरभराकर जमींदोज हो गई। यह जानकारी घायलों ने बातचीत के दौरान दी।
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Lucknow Building Collapse - फोटो : अमर उजाला
हादसा होते ही हर तरफ भगदड़ मच गई। आसपास की बिल्डिंग वाले भागने लगे। कुछ का कहना था कि ऐसा लगा कि भूकंप आ गया तो कुछ को लगा कि बारिश के दौरान बिजली गिर गई।
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Lucknow Building Collapse - फोटो : अमर उजाला
इमारत ढहते ही आसपास धूल ही धूल छा गई। कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। जिसका कंटेनर फंसा था वह ड्राइवर भागकर डिवाइडर पर जाकर बैठा। उसका कहना था कि लगा कि मैं भी मर जाऊंगा। पता ही नहीं चल रहा था कि आखिर हुआ क्या।

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Lucknow Building Collapse - फोटो : अमर उजाला
धमाके जैसी थी आवाज, समझ नहीं आया क्या करें
हादसे में घायल हुए विनीत कश्यप ने बताया कि वह रोजाना की तरह काम कर रहे थे। एक बार बाहर जाने के बाद भीतर आए। तभी अचानक बिल्डिंग के एक हिस्से ढहता दिखा। जब तक वह बाहर जा पाते तब तक पूरी इमारत ढह गई। बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे के दौरान विनीत ग्राउंड फ्लोर पर थे।
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Lucknow Building Collapse - फोटो : अमर उजाला
गत्तों के ढेर में दब गए, जिससे बची जान
हादसे में राजेंद्र कुमार भी चोटिल हुए हैं। राजेंद्र ने बताया कि वह गत्तों का ढेर लगा रहे थे। जब हादसा हुआ वह भागने की कोशिश की लेकिन नहीं भाग पाए। गनीमत रही कि गत्तों का ढेर उन पर पलट गया। जिससे मलबा गिरने से वह मामूली चोटिल हुए। गंभीर चोट नहीं आई।
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Lucknow Building Collapse - फोटो : अमर उजाला
हर फ्लोर पर करीब 12-12 लोग
कर्मचारियों ने बताया कि इमारत के ग्राउंड फ्लोर, फर्स्ट फ्लोर और सेकेंड फ्लोर पर तकरीबन 12-12 लोग काम करते थे। हादसे के वक्त भी अंदेशा है कि इतने ही लोग या फिर कुछ ज्यादा हो सकते हैं। अब तक 32 लोग निकाले गए, जिनमें से आठ की मौत हो चुकी है। आठ- दस लोगों के फंसे होने की आशंका है।

 
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Lucknow Building Collapse - फोटो : अमर उजाला
घायलों में एक किशोरी और एक किशोर भी
घायलों में एक किशोरी व एक किशोर भी हैं। कुछ लोगों ने बताया कि दोनों भाई-बहन हैं, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। अंदेशा है कि गोदाम में काम करने वाले किसी शख्स के ये बच्चे होंगे। दूसरी आशंका है कि शायद बिल्डिंग के पास हादसे के वक्त दोनों मौजूद थे, जो चपेट में आ गए। फिलहाल प्रशासन दोनों की पहचान करने का प्रयास कर रहा है।

 

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Lucknow Building Collapse - फोटो : अमर उजाला
पहले भी हुए हादसे
03 जनवरी 2024: नाका के आर्यानगर में निर्माणाधीन बिल्डिंग ढही।
25 जनवरी 2023: हजरतगंज के वजीर हसन रोड में अलाया अपार्टमेंट गिर गया था। हादसे में तीन की मौत हो गई थी।
23 जून 2021: वजीरगंज की रिवर बैंक कॉलोनी में मकान ढहने से एक युवक की मौत हुई थी।
22 नवंबर 2018: हुसड़िया चौराहे के पास दो मंजिला भवन गिर गया था।
03 अगस्त 2018: अमीनाबाद के गणेशगंज में पुराना मकान गिरने से मां-बेटी की मौत हो गई थी।

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लखनऊ में बारिश के दौरान तीन मंजिला इमारत ढही, आठ की मौत, 24 घायल
आपको बता दें कि लखनऊ के ट्रांसपोर्टनगर में शनिवार शाम बारिश के दौरान शहीद पथ किनारे स्थित एक तीन मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई। हादसे में एक कारोबारी समेत आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि मलबे में दबे 24 लोगों को निकालकर राजधानी के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

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Lucknow Building Collapse - फोटो : अमर उजाला
इनमें तीन लोगों की हालत गंभीर है, जिनका ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा है। मलबे में अभी कई और लोगों के दबे होने की आशंका है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, दमकल और पुलिस की टीमें राहत-बचाव कार्य में देर रात तक जुटी रहीं।

 

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Lucknow Building Collapse - फोटो : अमर उजाला
आशियाना निवासी राकेश सिंघल का हरमिलाप (ग्राउंड प्लस 2) टावर था। टावर के ग्राउंड फ्लोर पर आशियाना निवासी जसमीत साहनी का मोबिल ऑयल और दूसरी मंजिल पर दवा का गोदाम था। पहली मंजिल पर मनचंदा का गिफ्ट सेंटर का गोदाम था। शनिवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे तेज बारिश शुरू हुई। आधे घंटे बाद अचानक पूरी बिल्डिंग ढह गई। इससे आसपास भगदड़ मच गई। 

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Lucknow Building Collapse - फोटो : अमर उजाला
सबसे पहले पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद दमकल, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें पहुंचीं और राहत-बचाव शुरू किया। एक-एक कर 32 लोगों को निकाला गया। इसमें से कारोबारी जसमीत सिंह साहनी (45), पंकज तिवारी (40), धीरेंद्र गुप्ता उर्फ धीरज (48), अरुण सोनकर (28), राजकिशोर (27) और राकेश कुमार (32), जगरूप (24) और इंजीनियर रूद्र यादव (25) की मौत हो गई। घायलों का इलाज जारी है।

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Lucknow Building Collapse - फोटो : अमर उजाला
कंटेनर चालक की बाल-बाल बची जान
हादसे के वक्त एक कंटेनर से दवाओं की खेप उतारकर गोदाम में पहुंचाई जा रही थी। कंटेनर चालक राजेश कंटेनर की ड्राइविंग सीट पर बैठे थे। ट्रक का आधा से अधिक हिस्सा बिल्डिंग के भीतर था। बिल्डिंग ढहते ही कंटेनर का आधे से अधिक हिस्सा मलबे में दब गया। हर तरफ धूल का गुबार छा गया। राकेश केबिन से कूदकर भाग गए, जिससे उनकी जान बच सकी।

 

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Lucknow Building Collapse - फोटो : अमर उजाला
टावर का जरा सा हिस्सा बचा
टावर का करीब 90 फीसदी हिस्सा जमींदोज हुआ है। एक हिस्सा अब भी खड़ा है। जिसका छज्जा और सीढ़ी दायीं तरफ लटक रबी है। इससे रेस्क्यू करने में भी खतरा है। एहतियात बरतते हुए रेस्क्यू टीमें मलबा हटाकर लोगों को निकालने में जुटी रहीं।

 
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आखिर क्यों गिरी बिल्डिंग
बिल्डिंग ढहने के पीछे क्या वजह रही फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका। एलडीए के उपसचिव अतुल कृष्ण सिंह ने बताया कि भवन में बेसमेंट नहीं है। न ही बेसमेंट को लेकर किसी प्रकार की खोदाई या अन्य कार्य हो रहा था। बिल्डिंग के नक्शे की भी जांच की गई। नक्शा 31 अगस्त, 2010 को कुमकुम सिंघल द्वारा पास करवाया गया था। बिल्डिंग में नक्शे के अनुसार ही काम हुआ था। वहीं, सूत्रों का कहना है कि लोडिंग व अनलोडिंग के दौरान ट्रक पिलर से टकराया जिससे वह ढह गई।

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