लखनऊ के ट्रांसपोर्टनगर में दोपहर तक सब ठीक था। इस दौरान बारिश होने लगी। शाम चार बजे अचानक तीन मंजिला इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। आवाज सुनकर सब सहम गए। ऐसा लगा, मानो बम फट गया हो...। यह कहना है हादसे के चश्मदीदों का।
हादसे के गवाह रहे लोगों का कहना है कि इमारत के जमींदोज होने के बाद वहां चीख-पुकार मच गई। बाहर मौजूद लोग मदद के लिए अंदर पहुंचे तो मंजर देख सन्न रह गए। चारों तरफ मलबा फैला हुआ था। कुछ नजर नहीं आ रहा था। दबे लोगों के कराहने की आवाज सुनाई दे रही थी।
विज्ञापन
2 of 13
Lucknow Building Collapse
- फोटो : अमर उजाला
आसपास के दुकानदार और अन्य इमारतों में मौजूद लोगों ने मलबे में दबे लोगों को निकालने का काम शुरू किया। सूचना पाकर सरोजनीनगर पुलिस और सरोजनीनगर, पीजीआई व आलमबाग फायर स्टेशन दमकलकर्मी पहुंचे। एनडीआरएफ और एसडीआरफ की टीम भी पहुंच गई। तीनों ने मिलकर लोगों को निकालने का काम शुरू किया।
विज्ञापन
3 of 13
Lucknow Building Collapse
- फोटो : अमर उजाला
एक माह पहले किराये पर लिया था गोदाम
हादसे में मारे गए कारोबारी जसमीत सहानी ने एक माह पहले ही इमारत में दो फ्लोर किराये पर लिए थे। एक पर दवा और दूसरे तल पर मोबिल ऑयल का स्टोर था। हादसे में घायल शांति देवी के पति रामकरन ने बताया कि वह इमारत के बाहर ही थे। हादसा के बाद कुछ देर के लिए वह सहम गए।
4 of 13
Lucknow Building Collapse
- फोटो : अमर उजाला
अंदर उनकी पत्नी शांति देवी और पोता आदर्श थे। रामकरन चीखते हुए अंदर की तरफ भागे। बुजुर्ग ने बताया कि उनकी पत्नी मलबे के नीचे दबी थी। लोगों की मदद से उन्होंने पत्नी को निकला। पुलिस ने कुछ ही देर में उनके पोते को तलाश निकला।
विज्ञापन
5 of 13
Lucknow Building Collapse
- फोटो : अमर उजाला
लखनऊ में बारिश के दौरान तीन मंजिला इमारत ढही, आठ की मौत, 24 घायल
आपको बता दें कि लखनऊ के ट्रांसपोर्टनगर में शनिवार शाम बारिश के दौरान शहीद पथ किनारे स्थित एक तीन मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई। हादसे में एक कारोबारी समेत आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि मलबे में दबे 24 लोगों को निकालकर राजधानी के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
विज्ञापन
6 of 13
Lucknow Building Collapse
- फोटो : अमर उजाला
इनमें तीन लोगों की हालत गंभीर है, जिनका ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा है। मलबे में अभी कई और लोगों के दबे होने की आशंका है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, दमकल और पुलिस की टीमें राहत-बचाव कार्य में देर रात तक जुटी रहीं।
विज्ञापन
7 of 13
Lucknow Building Collapse
- फोटो : अमर उजाला
आशियाना निवासी राकेश सिंघल का हरमिलाप (ग्राउंड प्लस 2) टावर था। टावर के ग्राउंड फ्लोर पर आशियाना निवासी जसमीत साहनी का मोबिल ऑयल और दूसरी मंजिल पर दवा का गोदाम था। पहली मंजिल पर मनचंदा का गिफ्ट सेंटर का गोदाम था। शनिवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे तेज बारिश शुरू हुई। आधे घंटे बाद अचानक पूरी बिल्डिंग ढह गई। इससे आसपास भगदड़ मच गई।
8 of 13
Lucknow Building Collapse
- फोटो : अमर उजाला
सबसे पहले पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद दमकल, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें पहुंचीं और राहत-बचाव शुरू किया। एक-एक कर 32 लोगों को निकाला गया। इसमें से कारोबारी जसमीत सिंह साहनी (45), पंकज तिवारी (40), धीरेंद्र गुप्ता उर्फ धीरज (48), अरुण सोनकर (28), राजकिशोर (27) और राकेश कुमार (32), जगरूप (24) और इंजीनियर रूद्र यादव (25) की मौत हो गई। घायलों का इलाज जारी है।
9 of 13
Lucknow Building Collapse
- फोटो : अमर उजाला
कंटेनर चालक की बाल-बाल बची जान
हादसे के वक्त एक कंटेनर से दवाओं की खेप उतारकर गोदाम में पहुंचाई जा रही थी। कंटेनर चालक राजेश कंटेनर की ड्राइविंग सीट पर बैठे थे। ट्रक का आधा से अधिक हिस्सा बिल्डिंग के भीतर था। बिल्डिंग ढहते ही कंटेनर का आधे से अधिक हिस्सा मलबे में दब गया। हर तरफ धूल का गुबार छा गया। राकेश केबिन से कूदकर भाग गए, जिससे उनकी जान बच सकी।
10 of 13
Lucknow Building Collapse
- फोटो : अमर उजाला
टावर का जरा सा हिस्सा बचा
टावर का करीब 90 फीसदी हिस्सा जमींदोज हुआ है। एक हिस्सा अब भी खड़ा है। जिसका छज्जा और सीढ़ी दायीं तरफ लटक रबी है। इससे रेस्क्यू करने में भी खतरा है। एहतियात बरतते हुए रेस्क्यू टीमें मलबा हटाकर लोगों को निकालने में जुटी रहीं।
11 of 13
Lucknow Building Collapse
- फोटो : अमर उजाला
आखिर क्यों गिरी बिल्डिंग
बिल्डिंग ढहने के पीछे क्या वजह रही फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका। एलडीए के उपसचिव अतुल कृष्ण सिंह ने बताया कि भवन में बेसमेंट नहीं है। न ही बेसमेंट को लेकर किसी प्रकार की खोदाई या अन्य कार्य हो रहा था। बिल्डिंग के नक्शे की भी जांच की गई। नक्शा 31 अगस्त, 2010 को कुमकुम सिंघल द्वारा पास करवाया गया था। बिल्डिंग में नक्शे के अनुसार ही काम हुआ था। वहीं, सूत्रों का कहना है कि लोडिंग व अनलोडिंग के दौरान ट्रक पिलर से टकराया जिससे वह ढह गई।
12 of 13
Lucknow Building Collapse
- फोटो : अमर उजाला
अधिकारी मौके पर रहकर कराएं राहत कार्य : योगी
हादसे का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर तेजी से राहत कार्य कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही घटना में घायल लोगों के उपचार की समुचित व्यवस्था कराने को कहा है। सीएम ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ्य होने की कामना की है ।
सीएम ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को भी मौके पर रहकर राहत कार्य कराने को कहा है। गोरखपुर से सीएम ने डीएम से बातचीत करके घटना के बारे में जानकारी ली है। सीएम के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव गृह दीपक कुमार व एडीजी कानून व्यवस्था अमिताभ यश ने भी मौके पर पहुंचकर राहत कार्य का जायजा लिया।