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Lucknow Building Collapse: हिल रही थी बिल्डिंग... नक्शा तो पास था, लेकिन निर्माण में कर दिया ये काम

Mon, 09 Sep 2024 11:06 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
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Lucknow Building Collapse - फोटो : अमर उजाला
लखनऊ के ट्रांसपोर्टनगर में जो बिल्डिंग शनिवार को ढही है उसका मानचित्र भले ही पास हो, मगर निर्माण मानकों के अनुसार नहीं था। दरार आने के कारण जो बिल्डिंग सील की गई है, उसका भी यही हाल है। न तो उसमें सेट बैक छोड़ा गया है और न फ्रंट। पार्किंग का भी कोई इंतजाम नहीं है। ऐसे में मानचित्र के विपरीत अवैध निर्माण किया गया है। यह हाल सिर्फ ट्रांसपोर्टनगर में नहीं है, बल्कि पूरे शहर में एक लाख से अधिक बिल्डिंगों में अवैध निर्माण है।

हादसे के बाद अब एलडीए प्रशासन ट्रांसपोर्टनगर में बिल्डिंगों की जांच को लेकर अभियान चलाएगा। इसको लेकर ड्रोन से सर्वे कराए जाने की भी तैयारी है। एलडीए प्रशासन ड्रोन उड़ाने के लिए एयरपोर्ट प्रशासन से अनुमति लेगा। 
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Lucknow Building Collapse - फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि एयरपोर्ट ट्रांसपोर्टनगर योजना के नजदीक है। एलडीए के जानकारों ने बताया कि शहीद पथ के दोनों ओर करीब 22 किलोमीटर के दायरे मेंं ट्रांसपोर्टनगर सहित सभी कॉलोनियों में प्राधिकरण जांच अभियान चलाएगा। अवैध बिल्डिंगों पर कार्रवाई भी की जाएगी।
 
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Lucknow Building Collapse - फोटो : अमर उजाला
हिल रही थी बिल्डिंग...
घटनास्थल के आसपास कुछ लोग कई तरह की चर्चाएं करते रहे। एक व्यक्ति का कहना था कि बिल्डिंग कुछ दिन से हिल रही थी। मतलब है कि बिल्डिंग काफी डैमेज थी। इसलिए हादसा हुआ। हालांकि, इस बात की कहीं से पुष्टि नहीं हो सकी। वहीं, तमाम लोग जलभराव को ही हादसे की मुख्य वजह बता रहे हैं।

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Lucknow Building Collapse - फोटो : अमर उजाला
लालबाग में रात तक तलाशते रहे मानचित्र की फाइल
जांच को लेकर पीडब्लूडी की टीम ने एलडीए से जो बिल्डिंग ढही है उसका मानचित्र और स्ट्रक्चर इंजीनियर की रिपोर्ट मांगी है। जिसको तलाश को लेकर एलडीए के कर्मचारी रात नौ बजे तक लालबाग ऑफिस में बने रिकॉर्ड रूम में फाइल तलाशते रहे। इसको लेकर अवकाश के बाद कार्यालय रात में खुलवाया गया। वहीं हादसे के बाद एलडीए गोमती नगर ऑफिस भी देर रात तक रिपोर्ट तैयार करने और शासन को मामले की रिपोर्ट भेजने को लेकर खुला रहा।
 
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घायलों से मिले सीएम योगी - फोटो : अमर उजाला
सीएम के आने से पहले भर्ती हुआ, जाने के बाद भागा
रविवार सुबह ही शासन से जानकारी हुई थी कि मुख्यमंत्री घायलों से मिलने लोकबंधु अस्पताल जाएंगे। इस बीच सुबह करीब 10 बजे ललईखेड़ा निवासी निर्मल यादव लोकबंधु अस्पताल पहुंचा। उसे मामूली चोटें थीं। उसने पर्चा बनवाया। वहां बताया कि वह हादसे में घायल हुआ है। कुछ देर बाद सीएम पहुंचे। घायलों का हालचाल लेने के बाद वह चले गए। सीएम के जाते ही निर्मल भी वहां से चला गया।
 
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Lucknow Building Collapse - फोटो : अमर उजाला
अहमदाबाद फोरेंसिक यूनिवर्सिटी की टीम भी करेगी जांच, आज आएगी
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि ट्रांसपोर्ट नगर बिल्डिंग किस वजह से ढही इसकी जांच को लेकर नेशनल फोरेंसिक साइंसेस यूनिवर्सिटी की टीम को भी बुलाया गया है। टीम सोमवार शाम तक आ जाएगी।
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Lucknow Building Collapse - फोटो : अमर उजाला
लखनऊ में बारिश के दौरान तीन मंजिला इमारत ढही, आठ की मौत, 24 घायल
आपको बता दें कि लखनऊ के ट्रांसपोर्टनगर में शनिवार शाम बारिश के दौरान शहीद पथ किनारे स्थित एक तीन मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई। हादसे में एक कारोबारी समेत आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि मलबे में दबे 24 लोगों को निकालकर राजधानी के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

 

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Lucknow Building Collapse - फोटो : अमर उजाला
इनमें तीन लोगों की हालत गंभीर है, जिनका ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा है। मलबे में अभी कई और लोगों के दबे होने की आशंका है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, दमकल और पुलिस की टीमें राहत-बचाव कार्य में जुटी हैं

 

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Lucknow Building Collapse - फोटो : अमर उजाला
आशियाना निवासी राकेश सिंघल का हरमिलाप (ग्राउंड प्लस 2) टावर था। टावर के ग्राउंड फ्लोर पर आशियाना निवासी जसमीत साहनी का मोबिल ऑयल और दूसरी मंजिल पर दवा का गोदाम था। पहली मंजिल पर मनचंदा का गिफ्ट सेंटर का गोदाम था।

 

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Lucknow Building Collapse - फोटो : अमर उजाला
शनिवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे तेज बारिश शुरू हुई। आधे घंटे बाद अचानक पूरी बिल्डिंग ढह गई। इससे आसपास भगदड़ मच गई। सबसे पहले पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद दमकल, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें पहुंचीं और राहत-बचाव शुरू किया। एक-एक कर 32 लोगों को निकाला गया।

 

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Lucknow Building Collapse - फोटो : अमर उजाला
इसमें से कारोबारी जसमीत सिंह साहनी (45), पंकज तिवारी (40), धीरेंद्र गुप्ता उर्फ धीरज (48), अरुण सोनकर (28), राजकिशोर (27) और राकेश कुमार (32), जगरूप (24) और इंजीनियर रूद्र यादव (25) की मौत हो गई। घायलों का इलाज जारी है।

 
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Lucknow Building Collapse - फोटो : अमर उजाला
टावर का जरा सा हिस्सा बचा
टावर का करीब 90 फीसदी हिस्सा जमींदोज हुआ है। एक हिस्सा अब भी खड़ा है। जिसका छज्जा और सीढ़ी दायीं तरफ लटक रबी है। इससे रेस्क्यू करने में भी खतरा है। एहतियात बरतते हुए रेस्क्यू टीमें मलबा हटाकर लोगों को निकालने में जुटी रहीं।

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