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अकबरनगर: अफवाह से बढ़ा बवाल और हालात बेकाबू हो गए... उग्र भीड़ ने किया पथराव और तोड़फोड़

Mon, 11 Mar 2024 08:08 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
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इलाके में पुलिसबल तैनात किया गया - फोटो : amar ujala
सम्राट फर्नीचर की अवैध कॉमर्शियल बिल्डिंग ढहने के बाद जब लोगों का विरोध और हंगामा शुरू हुआ उसी दौरान अफवाह फैली कि मलबे में कई लोग दब गए हैं और मकान भी ढहाए जाएंगे। इसके बाद बवाल बढ़ गया। भीड़ कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थी। पथराव कर एलडीए की टीम को खदेड़ने में जुट गई। बाद में ज्वाॅइंट पुलिस कमिश्नर ने अनाउंसमेंट किया कि कोई हताहत नहीं है और न ही कोई मकान गिराए जाएंगे। इसके बाद हालात और सामान्य हुए।

दरअसल हाईकोर्ट ने 31 मार्च की आधी रात तक अवैध मकानों आदि को खाली करने का आदेश दिया है। हालांकि अवैध कॉमर्शियल इमारतों पर कार्रवाई जारी है। उस पर किसी तरह की कोई रोक नहीं है। जब सम्राट फर्नीचर की कॉमर्शियल इमारत को ढहाया गया, तो अचानक से सोशल मीडिया से लेकर इलाके में अफवाह फैली कि मलबे में तीन चार लोग दब गए हैं। यही नहीं लोगों का कहना था कि एलडीए कॉमर्शियल के साथ-साथ आवासीय इमारतों को भी ढहाएगा।

लोगों को लगा कि मकान भी तोड़ दिए जाएंगे। तब भीड़ और उग्र हो गई और पथराव के साथ तोड़फोड़ भी शुरू कर दी। अगर अफवाह न फैलती तो शायद इतना बवाल न होता। लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की तरफ से अपील की गई है कि अफवाह न फैलाएं। अगर कोई अफवाह फैलाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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- फोटो : amar ujala
अंदेशा : साजिश के तहत फैलाई अफवाह
पूरे बवाल में यह भी आशंका है कि साजिश के तहत अफवाह फैलाई गई, जिससे बवाल हो और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई रुक जाए। अगर ऐसा किया गया होगा तो ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ऐसे कई और पहलुओं पर भी तफ्तीश कर रही है।
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- फोटो : amar ujala
कुर्सी, पटरों से खुद को बचाया
लंबे वक्त से इलाके में ध्वस्तीकरण अभियान चल रहा है। इसलिए एलडीए की टीम ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर रही थी। कुछ लोग धरने पर भी बैठे। जरा भी भनक नहीं थी कि भारी बवाल हो जाएगा। यही वजह है कि ध्वस्तीकरण के दौरान पुलिसकर्मी सुरक्षा उपकरण नहीं पहने थे। अचानक से पथराव शुरू होने पर बचने के लिए उन्होंने कुर्सी, पटरे और प्लाई का सहारा लिया।

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- फोटो : amar ujala
तमाम सीसीटीवी तोड़े, महिलाओं से नोकझोंक
पॉलीटेक्निक से बादशाहनगर की ओर जाने वाली सड़क पर भीड़ आ गई थी। पथराव के दौरान मेट्रो के पिलर पर लगे करीब 12 सीसीटीवी कैमरों को भी भीड़ ने निशाना बनाया। शायद इसलिए कि जिससे उनका उत्पात कैमरे में न कैद हो सके। जब पुलिस ने भीड़ को खदेड़ दिया तब सड़क पर सीसीटीवी कैमरे बिखरे मिले। वहीं मोहल्ले की महिलाओं से जमकर नोकझोंक हुई। हालांकि पुलिसकर्मी महिलाओं से उलझने से बचते रहे, जिससे किसी तरह का विवाद न बढ़े।
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- फोटो : amar ujala
बंद करना पड़ा मार्ग, ढाई घंटे बाधित रहा यातायात
अचानक हुए बवाल की वजह से अकबरनगर-द्वितीय तिराहे से बादशाहनगर की तरफ जाने व आने वाले मार्ग को तत्काल बंद कर दिया गया। ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया। सभी कनेक्टिंग मार्गों का भी यातायात बैरिकेडिंग कर रोक दिया गया। बवाल खत्म होने के बाद यातायात शुरू किया गया। करीब ढाई घंटे तक यातायात बाधित रहा। बवाल के दौरान वैकल्पिक मार्गों से यातायात चलता रहा।
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