सराफा कारोबार पर एक्साइज ड्यूटी के विरोध में हड़ताल कर रहे कारोबारी रविवार को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह को एक समारोह में काले झंडे दिखाने पहुंचे तो लाठीचार्ज के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
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पुलिस के लाठीचार्ज से 6-7 कारोबारी चोटिल हुए हैं। गिरफ्तार कारोबारियों को पुलिस लाइन ले जाया गया। इनमें से छह को पुलिस हिरासत में सौंपा गया।
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लखनऊ सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष रवींद्रनाथ रस्तोगी एवं महामंत्री प्रदीप कुमार अग्रवाल ने लाठीचार्ज की निंदा करते हुए कहा कि राजनाथ सिंह ने हमारे वोट की कीमत लाठी चलवा कर चुका दी।
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32 दिन से सराफा कारोबारी हड़ताल पर हैं लेकिन प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री उनकी आवाज नहीं सुन रहे। राजनाथ सिंह उनके सांसद हैं। उन्हें भी वह दुख दर्द सुना चुके हैं पर, कोई पुरसाहाल नहीं है। (नारेबाजी करता एक प्रदर्शनकारी।)
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इसी से नाराज होकर जीपीओ पर धरना-प्रदर्शन के बाद 250 से अधिक कारोबारी रविवार दोपहर 1:45 बजे कैसरबाग स्थित हरिओम मंदिर में आयोजित भाजपा कार्यकर्ताओं के होली मिलन समारोह में राजनाथ को काले झंडे दिखाने पहुंच गए। कारोबारी मत्थे पर काला कपड़ा बांध मानव श्रृंखला बनाकर मंदिर के आसपास खड़े हो गए।
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पुलिस ने उन्हें अल्टीमेटम दिया कि वे मत्थे से काला कपड़ा हटा लें या यहां से चले जाएं, वर्ना सबको गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जब वे नहीं हटे तो हल्का बल प्रयोग कर 250 से अधिक कारोबारियों को पकड़ कर पुलिस लाइन ले जाया गया। (प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करते पुलिसकर्मी।)
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मगर वहां समारोह चलने के कारण पुलिस ने कुछ समय बाद सबको रिहा कर दिया। गिरफ्तार होने वालों में डॉ. राजकुमार वर्मा, उमेश पाटिल, विशाल निगम, आदीश जैन, संजय गुप्ता आदि शामिल थे।
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कैसरबाग व हजरतगंज कोतवाली का घेराव
रिहा होने के बाद जब सराफा कारोबारियों को पता चला कि उनके छह साथी पुलिस हिरासत में हैं तो दो टीमों में बंटकर उन्होंने कैसरबाग एवं हजरतगंज कोतवाली का घेराव किया।
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आदीश जैन ने बताया कि पुलिस और कारोबारियों के बीच बातचीत के दौरान धक्का-मुक्की शुरू हो गई। दो पुलिस कर्मियों ने लाठी चलानी शुरू कर दी।
बद्री नरायन, संजीव अग्रवाल, हृदय नरायन, प्रशांत कुमार, नीरज रस्तोगी एवं अन्नू ने रोकना चाहा तो उन्हें हिरासत में लेकर कैसरबाग व हजरतगंज कोतवाली भेज दिया। कारोबारियों ने एसएसपी से पूरी घटना बताई। इसके बाद उन्हें छोड़ा गया।