यह एक सितंबर 2003 का समारोह था जिसमें प्रसिद्ध अभिनेत्री श्रीदेवी को यह प्रतिष्ठित सम्मान रवीन्द्रालय के खचाखच भरे समारोह में प्रदान किया गया था। उन्हें तत्कालीन राज्यपाल विष्णुकांत शास्त्री ने कई प्रमुख लोगों की उपस्थिति में छठवें लच्छू महाराज अवार्ड से सम्मानित किया था। सम्मान के तहत उन्हें 51 हजार रुपए, सम्मान राशि एवं चांदी का स्मृति चिह्न प्रदान किया गया। श्रीदेवी ने सदमा, इंकलाब, तोहफा, नगीना, धरम अधिकारी, आखिरी रास्ता, मिस्टर इंडिया, चांदनी, चालबाज, लम्हे, खुदा गवाह, लाडला, जुदाई जैसी फिल्मों के जरिए सिनेप्रेमियों के बीच खास जगह बनाई।