फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इन आईपीएस ने मोहर्रम का 200 साल पुराना रूट बदलवा दिया था, बांग्लादेशी बदमाशों से दिलाई निजात

Thu, 21 Nov 2019 02:53 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
1 of 5
आईपीएस दीपक कुमार - फोटो : अमर उजाला
लखनऊ पुलिस का इतिहास कई रोमांचक किस्सों और जांबाजी से भरा हुआ है। यहां के अनेक पुलिस अफसर अपने काम से सुर्खियों में रहे और नागरिकों का विश्वास जीता। इनमें दीपक कुमार की अपनी अलग पहचान है। उन्होंने राजधानी का सामाजिक सौहार्द कायम रखने के लिए अभूतपूर्व काम किए। जनता से जुड़े रहे। डकैतों के बावरिया और बांग्लादेशी गिरोह का पर्दाफाश कर वारदातों पर लगाम कसी।
विज्ञापन

2 of 5
दीपक कुमार - फोटो : अमर उजाला
दीपक कुमार ने 28 अप्रैल 2017 को जब राजधानी के एसएसपी की कुर्सी संभाली तो शायद ही किसी ने सोचा था कि दो शताब्दी से चली आ रही वह परंपरा बदल जाएगी, जिसे लेकर अक्सर सांप्रदायिक तनाव होता है और नवाबों की नगरी दंगों की आग में जल जाती है। उन्होंने अपनी सूझबूझ और व्यवहार से मोहर्रम के जुलूस का रूट बदलवा दिया। दरअसल मोहर्रम का जुलूस केजीएमयू के सामने से होकर गुजरता था जिसके चलते सात घंटे तक रास्ता बंद रहता था। इस अवधि में मरीजों की आवाजाही भी रुक जाती थी।

 
विज्ञापन

3 of 5
दीपक कुमार - फोटो : अमर उजाला
मोहर्रम की तैयारियों और जुलूस के रूट के निरीक्षण के दौरान दीपक कुमार के मन में यह बात अटक गई। उन्होंने मुस्लिम धर्मगुरुओं और प्रतिष्ठित नागरिकों से संपर्क कर इंसानियत व मानव जाति की सेवा का हवाला दिया। बैठकों के दौर चले। अंतत: जनता के हक में फैसला हुआ और मुस्लिम समाज रूट बदलने को राजी हो गया। दीपक कुमार के प्रयास से केजीएमयू आने वाले आसपास के दस जनपदों के मरीजों की जिंदगी बचाई जा सकी। इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए डीजीपी ने उन्हें कमंडेशन डिस्क से भी सम्मानित किया था।

4 of 5
दीपक कुमार - फोटो : amarujala
बावरिया गिरोह व बांग्लादेशी बदमाशों से दिलाई निजात
अपराधों की रोकथाम में भी उनके प्रयास सराहनीय रहे। राजस्थान से बावरिया गिरोह पकड़कर डकैती की सिलसिलेवार वारदातों पर अंकुश लगाया तो बांग्लादेशी गिरोह का खुलासा कर राजधानी सहित उत्तर प्रदेश में उनके नेटवर्क की जड़ें खोद डालीं। यही नहीं, राजधानी में हुई इनवेस्टर्स समिट-2018 में उन्होंने शानदार काम किया। देश-विदेश से आए अतिथियों की सुरक्षा के बेहतरीन इंतजाम, चाक-चौबंद यातायात व्यवस्था और पुलिसकर्मियों के शालीन व्यवहार से उन्होंने सबका दिल जीत लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके काम की तारीफ की तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें सम्मानित किया था।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
दीपक कुमार - फोटो : अमर उजाला
आधी रात को चौराहे पर करते थे पुलिसकर्मियों को संबोधित
आईपीएस दीपक कुमार मातहतों का हौसला बढ़ाने वाले अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं। वह अक्सर आधी रात को बीच चौराहे पर आसपास के थानों के पुलिसकर्मियों को बुलाकर माइक से संबोधित करते थे। हाथों में माइक लेकर वह पुलिसकर्मियों को उनके कर्त्तव्य, वर्दी के प्रति निष्ठा, ईमानदारी, अधिकार और समाज के लिए जिम्मेदारियों की याद दिलाते थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें