नानाजी देशमुख और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी
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नानाजी देशमुख: अविभाजित गोंडा का हिस्सा रही बलरामपुर सीट से
नानाजी देशमुख ने 1977 में प्रतिनिधित्व किया। चंडिकादास अमृतराव देशमुख (पूरा नाम) की ख्याति नानाजी के रूप में रही। वह मूल रूप से महाराष्ट्र के रहने वाले थे।
- नानाजी ने शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण स्वावलंबन के क्षेत्र में काम किया। गोंडा-बलरामपुर सीमा पर जयप्रभा ग्राम उनकी कर्मस्थली रही। भारत सरकार ने 2019 में उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से नवाजा। पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने उन्हें केंद्रीय कैबिनेट मंत्री की पेशकश की, लेकिन नानाजी ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। आपातकाल के बाद 1977 में हुए चुनाव में नानाजी ने बलरामपुर लोकसभा क्षेत्र से भारी अंतर से जीत हासिल की।