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इन आईपीएस ने बांग्लादेश तक किया डकैतों का पीछा, सिफारिश न मानने से रसूखदार रहते थे नाराज

Thu, 28 Feb 2019 03:10 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
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आईपीएस अनुराग वत्स - फोटो : amar ujala
लखनऊ पुलिस का इतिहास कई रोमांचक किस्सों और जांबाजी से भरा हुआ है। यहां के अनेक पुलिस अफसर अपने काम से सुर्खियों में रहे और नागरिकों का विश्वास जीता। इनमें अनुराग वत्स की अलग पहचान है। अपराधियों पर सख्ती को लेकर चर्चित अनुराग वत्स ने बेगुनाहों को इंसाफ दिलाने में भी अहम भूमिका अदा की थी। 
 
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आईपीएस अनुराग वत्स
2013 बैच के आईपीएस अनुराग वत्स ने लखनऊ के पुलिस अधीक्षक उत्तरी के पद पर तैनाती साथ ही रणनीति बनाकर अपराधियों की धरपकड़ के साथ पुलिसकर्मियों की निरंकुशता पर शिकंजा कसा। मनमानी के लिए चर्चित कई थानेदार परेशान होने लगे। पूरे जिले में संगीन वारदात पर मौके पर पहुंचने से आला अफसरों का भरोसा जीता।
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डेमो
इलाके में बड़ी वारदात को चुनौती के तौर पर लेकर बदमाशों की धरपकड़ कराने वाले अनुराग वत्स ने गोमतीनगर इलाके में डकैती की पड़ताल के दौरान बांग्लादेश के नंबरों को चिह्नित किया। तीन महीने तक गिरोह के पीछे लगे रहे। पुलिस की गतिविधियों का पता लगा रहे डकैतों के बांग्लादेश से कूच करते ही उन्हें भनक लग गई। 

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डेमो
डकैतों के पहुंचने से पहले तीन सौ पुलिसकर्मियों से विभिन्न स्थानों के रेलवे ट्रैक पर घेराबंदी कराई। डकैती से पहले ही मुठभेड़ में पुलिस की गोली से घायल दो बांग्लादेशी डकैत दबोचे गए। अनुराग अपनी टीम के साथ रात तीन बजे तक क्षेत्र में सक्रिय रहते थे। संगीन वारदात पर मीडिया बेहिचक जानकारी देने से अपराध छिपाने की परंपरा पर अंकुश लगने लगा।
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- फोटो : डेमो
पीजीआई इलाके में रसूखदार द्वारा बेटी की हत्या के मामले में अनुराग वत्स ने दबाव व सिफारिशों की परवाह न करते हुए कार्रवाई कराई। तेजतर्रार पुलिसकर्मियों के साथ खड़े रहकर मातहतों का विश्वास जीता। उच्चाधिकारियों ने पीड़ितों को उनके दफ्तर में भेजकर जनशिकायतों की सुनवाई की परीक्षा ली। सही शिकायत पर न सिर्फ तुरंत कार्रवाई, बल्कि पीड़ित को कॉल करके हाल पूछने की बात सामने आई।  
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डेमो
सिफारिश न मानने से रसूखदार नाराज, नागरिक खुश
अपराधी की धरपकड़ में सिफारिश न सुनने और जमीन व मकान के खेल करने वालों पर डेढ़ी नजर से रसूखदार लोग उनसे नाराज रहते थे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और अन्य उच्चाधिकारियों द्वारा अनुराग के काम में दखल देने से इन्कार पर पुलिसकर्मियों में उनकी दहशत थी। पुलिस के खेल व बेगुनाहों को फंसाने की शिकायत करने वाले लोग आला अफसरों से अनुराग वत्स से जांच की मांग करने लगे। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में जांच के  साथ उनका खुद का नेटवर्क तैयार हो गया। पुलिस से साठगांठ करके संगीन मामलों में बेगुनाहों को फंसाने के अनेक मामलों में उन्होंने सच उजागर किया। 
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- फोटो : डेमो
चर्चा में रहा सिपाही का निलंबन 
अनुराग की कार्यकुशलता के चलते वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक छुट्टी पर जाने के दौरान उन्हें कार्यभार सौंप देते थे। कार्यवाहक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के रूप में उन्होंने अभद्रता की शिकायत पर आशियाना थाने के एक सिपाही को निलंबित कर दिया। कप्तान की छुट्टी का लुत्फ उठाने वाले पुलिसकर्मी सहम गए। 
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