कमलेश तिवारी के नजदीक आने के लिए हत्यारे ने सोशल मीडिया का सहारा लिया था। उसने फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर कमलेश से संपर्क किया। इसके बाद जाल बिछाकर उनकी हत्या कर दी। यह दावा रविवार दोपहर कमलेश तिवारी के खुर्शेदबाग स्थित घर पहुंचे पार्टी के पश्चिम यूपी प्रभारी गौरव गोस्वामी ने किया है।
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kamlesh tiwari murder case
- फोटो : सीसीटीवी फुटेज से
गौरव ने गुजरात के सूरत निवासी एक युवक की फेसबुक प्रोफाइल पर लगी डीपी और सीसीटीवी कैमरों में दिख रहे हत्या के एक आरोपी का चेहरा मिलने के बाद यह आरोप लगाया। गौरव का कहना है कि इस युवक ने कुछ महीने पहले ही फेसबुक पर प्रोफाइल बनाई थी। वह अक्सर फोन करके पार्टी से जुड़ने की बात कहता था। उसने तीन महीने पहले एक मोबाइल नंबर से कॉल करके बातचीत भी की थी।
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- फोटो : ani
इस नंबर से उसने कई बार-बात की और कमलेश तिवारी व पार्टी के बारे में जानकारी ली। पार्टी कार्यालय के बारे में भी पूछा। कहा कि अगर वह लखनऊ आकर रुकना चाहे तो क्या पार्टी कार्यालय में इंतजाम है? इस पर गौरव ने उसे पार्टी कार्यालय में कोई व्यवस्था न होने की बात कहते हुए होटल में ठहराने के लिए कहा था। फिलहाल यह नंबर कुछ दिन से बंद आ रहा है।
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kamlesh tiwari murder case
- फोटो : सोशल मीडिया
गौरव का दावा है कि इस युवक के नाम से प्रोफाइल बनाने वाला ही हत्यारों में से एक है और वह चार महीने से हत्या की साजिश रच रहा था। फेसबुक के जरिए पार्टी से जुड़ने के नाम पर युवक ने कमलेश के बारे में जानकारियां जुटाईं और उनकी हत्या कर दी। गौरव ने कहा कि युवक की फेसबुक प्रोफाइल और मोबाइल नंबर के बारे में जानकारी जुटाने से कई अहम सुराग मिल सकते हैं। वहीं इस मामले में एसएसपी कलानिधि नैथानी का कहना है कि साइबर टीम से फेसबुक प्रोफाइल की पड़ताल कराई जा रही है।
आपको बता दें कि हिंदू महासभा के पूर्व नेता और हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी (50) की शुक्रवार को दो बदमाशों ने लखनऊ में बेरहमी से हत्या कर दी। दोनों बदमाश भगवा कपड़े पहने हुए थे और मिठाई के डिब्बे में पिस्टल व चाकू छिपाकर लाए थे। दोनों नाका स्थित खुर्शेदबाग की तंग गलियों में स्थित कमलेश के घर पहुंचे। पहली मंजिल स्थित पार्टी दफ्तर में पहले उनकी गर्दन पर गोली मारी। फिर चाकू से ताबड़तोड़ वार करने के बाद गला रेत दिया। फिलहाल आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।