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मां सलामती के लिए व्रत रख इंतजार करती रही, आई ओजस की मौत की खबर

Sat, 06 Jan 2018 02:02 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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कैसरबाग के मकबूलगंज निवासी अंजू तिवारी अपने इकलौते बेटे ओजस की लंबी उम्र और उसकी खुशहाली के लिए शुक्रवार को सकट का व्रत रखा था। भरोसा था कि बृहस्पतिवार शाम से लापता ओजस हमेशा की तरह तिल का बकरा काटने घर जरूर आएगा। इसके बाद वह पानी पीकर व्रत खोलेगी, लेकिन बेटा रात को ही खुदकुशी कर चुका था।
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ओजस की मां।
अंजू को मलाल था कि बेटे ने उन्हें अपने दिल की बात नहीं बताई। मॉर्च्युरी पर बिलख रही अंजू एक ही रट लगाई थी कि अब वह भी जान दे देगी। परिवारीजन के ढांढस बंधाने पर और बिफर पड़ी। कहा कि इकलौते बेटे की सलामती के लिए 19 साल से सकट का व्रत रखती चली आ रही है।
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सुसाइड
वह 9 जुलाई 1998 को जन्मा था। पास में खड़े रो रहे पति आनंद तिवारी से पूछा कि उस दिन बृहस्पतिवार था। फिर छाती पीटते हुए बोली कि वो बृहस्पतिवार को आया था और बृहस्पतिवार को ही हमेशा के लिए चला गया।

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सुसाइड
बोली कि जान देने के बजाय अपने दिल की बात बता देता, वह खुद रिश्ता तय करने काजल के घर चली जाती। आनंद ने बताया कि बेटी अंशिका बीटेक पास करने के बाद दिल्ली में जॉब करती है और ओजस ने इलेक्ट्रानिक मीडिया व फिल्म क्षेत्र में जाने का इरादा बनाया था। ओजस ने मैक के लिए एक डॉक्युमेंट्री बनाई थी। बोले कि 2005 में उन्होंने भी ‘हमार गुड़िया’ नाम के डॉक्युमेंट्री बनाई थी। 
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रजिस्टर पर लिखी बातचीत।
वहीं, मॉर्च्युरी पर रो रहे काजल के परिवारीजनों ने बताया कि पिता रत्नाकर पांडेय एक बिल्डर के यहां अकाउंटेंट हैं और मां बेबी घर संभालती हैं। बड़ी बेटी प्रतिभा की शादी हो चुकी है। काजल से छोटी स्वाति व बेटा वत्सल अभी पढ़ाई कर रहे हैं। कहा कि काजल पढ़ाई के साथ घरेलू काम में मां का हाथ बंटाती थी।
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