वक्त घबराने का नहीं, बल्कि अपने कंफर्ट जोन से बाहर आकर नई संभावनाओं की ओर देखने का है। कोरोना के चलते जिस तरह से काम करने के तरीके बदले हैं, उसके कारण कंपनियों की जरूरत भी बदली है। इन जरूरतों के हिसाब से युवाओं को अपने आपको अपग्रेड करना ही होगा। सबसे पहली जरूरत इस बात की है कि बहुत ज्यादा बदलाव से पहले जो भी आप कर रहे हैं, उसे तकनीक से जोड़ें। जितना अधिक आप अपने आपको डिजिटल साधनों के इस्तेमाल में योग्य बनाएंगे, उतना ही बेहतर कॅरियर और रोजगार आपको मिल सकेगा। यह निष्कर्ष गुरुवार को आयोजित जिंदगी मास्टर क्लास सीजन-2 की वेबिनार में सामने आया है। इसका आयोजन अमर उजाला व यूनिसेफ द्वारा किया जा रहा है, जिसका फेसबुक लाइव भी किया गया।