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खुल गया लखनऊ का सराफा बाजार पर नहीं लौटी चमक, जून में भी टलीं 12 हजार शादियां

Wed, 27 May 2020 03:43 PM IST
ishwar ashish नरेश शर्मा/अमर उजाला, लखनऊ
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लखनऊ की एक दुकान में छाया सन्नाटा। - फोटो : amar ujala
बिटिया की शादी होगी। इतनी शान से, इतनी धूमधाम से कि सब याद करेंगे...। ये बैंड होगा...। स्टेज तो ऐसा होगा। बेटी ये पहनेगी। नहीं, नहीं...वो पहनेगी। उस पर वो खूब फबेगा। अम्मा के दिल में...। बाबूजी के दिल में...। पूरे परिवार के दिल में...। ऐसे न जाने कितने सपने सजते हैं। इसकी चाहत-उसकी चाहत। ...और मान-मनुहार भी। तब तय होती है सपनों की एक मुकम्मल लिस्ट। क्योंकि सपने खास होते हैं इसलिए उत्तम घड़ी, उत्तम मुहूर्त की तलाश होती है। पर...? सहालग का सीजन है। उत्तम मुहूर्त भी हैं। फिर भी शादियां टल रही हैं। क्यों...? शादी में 20 से ज्यादा लोग शामिल नहीं हो सकते। ये नहीं कर सकते-वो नहीं कर सकते...! इतनी शर्तों के बंधन में अरमानों के फेरे होंगे भी तो कैसे? मायूसी यही नहीं बाजार में भी है। जब शादियां टल रही हैं तो बाजार दमके भी तो कैसे?

लेफ्ट-राइट फॉर्मूले पर लखनऊ में सराफा शोरूम तो खुल गए, पर रौनक गायब है। आम आदमी के पास पैसे नहीं हैं। ऐसे में वो खरीदारी कहां से करेगा? शादियों के सीजन से उम्मीदें थीं कि वह बाजार को सहारा देगा, वह भी धूमिल हो रही है। मई तो खाली ही बीत रहा, जून में करीब 12 हजार शादियां टल चुकी हैं। यानी जून की भी तस्वीर निराश करने वाली है। कारोबारियों के मुताबिक अमूमन सहालग शुरू होते ही शहर में रोजाना औसतन 50 किलो सोने के गहनों की डिमांड होती थी। इसके साथ ही डायमंड और चांदी के गहनों की भी अच्छी खासी मांग रहती थी। पर, शादियां टलने की वजह से रोजाना 20-25 करोड़ का कारोबार प्रभावित हो रहा है। जून में भी हालात बेहतर होते नजर नहीं आ रहे।
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प्रणव केसरवानी - फोटो : amar ujala
पहले तो सीजन के दौरान शोरूम में ग्राहकों को करना पड़ता था इंतजार
आलमबाग स्थित बद्री सराफ के मुखिया प्रणव केसरवानी बताते हैं कि जून में टली शादियों का असर सराफा बाजार पर साफ दिख रहा है। शादी के परिवार दो लाख से लेकर 10 लाख तक के गहने खरीदते हैं। वही हाई-फाई शादियों में तो कोई लिमिट नहीं होती। पिछले साल मई में गहने खरीदने के लिए शोरूम में इंतजार करना पड़ता था, पर इस बार सन्नाटा पसरा है। इससे अंदाजा लगा सकते हैं कि असर कितना पड़ा है।
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ऋतिक जायसवाल - फोटो : amar ujala
20 की पाबंदी का बहुत बड़ा असर पड़ा
शादियों के टलने से कारोबार कैसे प्रभावित हो रहा है, हमने इसको लेकर लखनऊ आदर्श टेंट एसोसिएशन के महामंत्री ऋतिक जायसवाल से सवाल किए। वह बताते हैं कि शादियाें में 20 लोगों के शामिल हो सकने की पाबंदी का बहुत असर पड़ा है। जून में 11,15,16,19, 27,28, 29 व 30 तारीख को जबरदस्त शादियां थीं। असर कितना पड़ा है इसका अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि करीब 12 हजार शादियां टल चुकी हैं। पहले से बुक गेस्ट हाउस, मैरिज लॉन, होटल सब कैंसिल हो गए।

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डॉ. राजकुमार वर्मा। - फोटो : amar ujala
चौक में रोजाना होता था 10 करोड़ का कारोबार, बंदिश का व्यापक असर
चौक सराफा एसोसिएशन के प्रवक्ता डॉ. राजकुमार वर्मा बताते हैं कि वर-वधू पक्ष से शादी में 20 के ही शामिल होने की बंदिश का व्यापक असर हुआ है। इसका अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि सहालग के दिनों में चौक बाजार में रोजाना औसतन 10 करोड़ का कारोबार होता था। 500 शोरूम व दुकानें गुलजार रहतीं। जून में जिस हिसाब से शादियां टली हैं उसका असर यहां के बाजार पर दिखेगा।
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उमेश पाटिल - फोटो : amar ujala
अब तो गिफ्ट के लिए भी नहीं होगी खरीदारी
इंडियन बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष उमेश पाटिल बताते हैं कि सहालग में वर-वधू के पक्ष के लोग तो खरीदारी करते ही हैं, रिश्तेदार, परिजन भी करते हैं। उन्हें वर-वधू को गिफ्ट देना होता है। ये खरीदारी एक-डेढ़ महीने पहले से शुरू हो जाती थी। शादियां टलने से तोहफे के लिए होने वाली खरीदारी की भी उम्मीद नहीं है।
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मनीष वर्मा। - फोटो : amar ujala
घराती-बराती की संख्या बढ़ाई जाए
लखनऊ महानगर सराफा एसोसिएशन के महामंत्री मनीष कुमार वर्मा बताते हैं कि जून में होने वालीं 99 फीसदी शादियां टल चुकी हैं। परिवार के लोगों ही 20 से ज्यादा लोग होते हैं। जब परिवार के लोग ही शादी में शामिल नहीं हो पाएंगे तो समारोह का मतलब ही क्या है? दोनों पक्षों की संख्या कम से कम 150-150 करनी चाहिए।
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राजन रस्तोगी। - फोटो : amar ujala
उम्मीद है...जल्द कारोबार पटरी पर आएगा
लखनऊ सराफा एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं हजरतगंज के कारोबारी राजन रस्तोगी उम्मीद जताते हैं कि जल्द ही कारोबार फिर से पटरी पर आएगा। वह कहते हैं कि बाजारों के खुलने का सिलसिला शुरू हो गया है। हालांकि वह यह कहना नहीं भूलते कि अभी लोगों के पास गहने खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं। शादियां टलने से भी कारोबार प्रभावित हुआ है। फिर भी उम्मीद जताते हैं कि ये हालात जल्द बदलेंगे। 

 
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