दीपावली के चलते घरेलू एलपीजी की मांग दोगुना बढ़ी है, वैसे ही शहर में अवैध रीफिलिंग का धंधा जोर पकड़ने लगा है। इससे उपभोक्ताओं को जहां घटतौली का सामना करना पड़ा रहा है, वहीं आपूर्ति विभाग व तेल कंपनियों के अधिकारियों की ढिलाई से धंधेबाज सिलेंडरों से गैस चुराने के बाद इसे सौ से डेढ़ सौ रुपये प्रति किलो की दर से बेच कर अपनी जेब भर रहे हैं।
विज्ञापन
ये देखिए, कैसे खुलेआम सिलेंडरों से चोरी हो रही है गैस
2 of 6
त्योहार के चलते एलपीजी की मांग बढ़ गई है। इसका फायदा उठाते हुए गैस चोरी करके कमाई कर रहे हैं। जरा देखें ये तस्वीरें...
विज्ञापन
ये देखिए, कैसे खुलेआम सिलेंडरों से चोरी हो रही है गैस
3 of 6
बढ़ती मांग का फायदा उठाकर धंधेबाज गैस एजेंसी के हॉकरों से साठगांठ कर छोटे और व्यावसायिक सिलेंडरों में अवैध रीफिलिंग करते हैं। इस बदले वे हॉकरों को प्रति किलो सौ से डेढ़ सौ रुपये तक देते हैं।
ये देखिए, कैसे खुलेआम सिलेंडरों से चोरी हो रही है गैस
4 of 6
जानकार बताते हैं कि गैस एजेंसियों के डिलीवरीमैन डिलीवरी के लिए सुबह आठ बजे ही गैस गोदाम से सिलेंडर ले लेते हैं।
विज्ञापन
ये देखिए, कैसे खुलेआम सिलेंडरों से चोरी हो रही है गैस
5 of 6
धंधे से जुड़े हॉकरों की मानें तो दस बजे तक अवैध रीफिलिंग के निर्धारित अड्डों पर इन सिलेंडरों को पहुंचाया जाता है। वहां भरे हुए सिलेंडरों से आधा किलो से डेढ़ किलो तक एलपीजी की चोरी की जाती है।
ये देखिए, कैसे खुलेआम सिलेंडरों से चोरी हो रही है गैस
6 of 6
चोरी की इस गैस को खाली छोटे और व्यावसायिक सिलेंडरों में भरा जाता है। फिर उन सिलेंडरों को खुले बाजार की दर से बेच दिया जाता है। धंधेबाज इसके एवज में हॉकरों को सौ से डेढ़ सौ रुपये प्रति किग्रा भुगतान कर बाकी मुनाफा अपनी जेब में रखते हैं।