लखनऊ रेसकोर्स में हमेशा ही जोश, जज्बे व स्टाइल के अलग-अलग रंग देखने को मिलते हैं। इस बार यह हर बार से कुछ अलग था। घुड़दौड़ के अलावा यहां शहर की मशहूर शख्सियत हमिदा हबीबुल्लाह का जन्मदिन भी मनाया गया।
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बेहद खुशगवार माहौल में हामिदा ने अपने परिजनों और चाहने वालों के बीच मौजूद होकर केट काटा और सभी का लखनऊ रेसकोर्स में आने पर आभार जताया।
इस दौरान सभी ने उनके प्रति प्यार व सम्मान दिखाकर उनका सम्मान किया और जन्मदिन की बधाई दी।
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उन्होंने बताया, मुझे बहुत अच्छा लगता है कि परिवार के लोग आज भी घुड़सवारी से आज भी जुड़े हुए हैं। इस अवसर पर मौजूद हामिदा के पौत्र अमर हबीबउल्लाह ने बताया कि दादी के साथ लखनऊ रेसकोर्स में आकर उनका सौवीं वर्षगांठ मनाना शानदार मौका रहा।
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हबीबुल्लाह को सभी ने बेहतर स्वास्थ्य व सुखद जीवन के लिए शुभकामनाएं दी।
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वहीं, सुबह से ही लखनऊ रेसकोर्स में अटकलों का बाजार गर्म था कि बेगम हबीबउल्लाह कप में पहली बार भाग लेने आए डॉर्क टाइगर और पॉलिसी मेकर कोई बड़ा उलटफेर न कर दे। ठीक वैसा ही हुआ और इन दो नए घोड़ों ने सुपर डुपर की लखनऊ रेसकोर्स में चली आ रही बादशाहत कड़ी टक्कर देते हुए तीसरे स्थान पर धकेल दिया। तकरीबन एक हजार मीटर लंबे ट्रैक पर सुपर डुपर एक बार भी विनिंग पोजीशन में नहीं दिया और पूरे समय डॉर्क टाइगर और पॉलिसी मेकर ने अच्छी खासी बढ़त बनाए रखी।
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फ्लैग ऑफ होते ही कोर्स में मौजूद बड़ी तादात में दर्शकों ने भाग लेने रहे सभी सात घोड़ों का उत्साह बढ़ाना शुरू कर दिया, लेकिन अधिकतर उस वक्त हैरान रह गए जब उन्होंने देखा कि हवा से बातें कर रहे डॉर्क टाइगर और पॉलिसी मेकर को टक्कर देने वाला कोई प्रतिद्वंद्वी आसपास नहीं है। दौड़ इन दो नए घोड़ों के बीच सिमटकर रह गई।
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अंतिम दो सौ मीटर में डॉर्क टाइगर पर सवार अंकित वर्मा ने गियर बदला और पॉलिसी मेकर पर सवार मोहम्मद इस्लाम को पीछे छोड़ते हुए बाजी मार दी। सुपर डुपर पर सवारी कर रहे जॉकी मोनू कुछ खास कमाल नहीं कर पाए और तीसरे स्थान पर फिसल गए। इससे पहले देसी नस्ल के घोड़ों की रेस में चमेली ने सबको पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान प्राप्त किया। स्पर्धा में चंपा को दूसरा और खुशबू को तीसरा स्थान मिला।