चली रंगों की पिचकारी और तारी हो गई यारी
Sat, 15 Mar 2014 02:03 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
रंगों का सुरूर शहर को अपनी आगोश में लेने लगा है। हर छोटे-बड़े स्कूलों में बच्चों ने जमकर दोस्तों संग होली खेली।
चली रंगों की पिचकारी और तारी हो गई यारी
शनिवार को ज्यादतार स्कूल-कॉलेजेस बंद होने से शुक्रवार को ही स्कूल फ्रेंड्स ने रंग-गुलाल खेल अपनी दोस्ती को और रंगीन किया।
चली रंगों की पिचकारी और तारी हो गई यारी
लखनऊ यूनिवर्सिटी में भी यंगस्टर्स ने जमकर होली खेली।
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यूनिवर्सिटी कैंपस में स्टूडेंट्स ने कुछ इस तरह हुड़दंग मचाई।
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और कहते हैं, न होली की असली मजा दोस्तों के संग ही आता है।
चली रंगों की पिचकारी और तारी हो गई यारी
इस टोली में कुछ ऐसे स्टूडेंट्स भी थे, जो लखनऊ से बाहर के थे। ऐसे में साथियों संग होली खेलने के बाद ही वे अपने-अपने घर को निकले।
चली रंगों की पिचकारी और तारी हो गई यारी
कैंपस में रंग खेलता एक झुंड।
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रंगों पिचकारी एक बार चली, तो कई घंटे बाद ही थमी।
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स्कूल में गुलाल खेलकर घर लौटते नौनिहाल।
चली रंगों की पिचकारी और तारी हो गई यारी
नेशनल पीजी कॉलेज में भी स्टूडेंट्स ने रंग-गुलाल खेलकर होली मनाई।
चली रंगों की पिचकारी और तारी हो गई यारी
ये खिलखिलाहट बयां कर रही है, कि जब दोस्त साथ हो, तो हर त्योहार की रंगत कैसे निखर जाती है।
चली रंगों की पिचकारी और तारी हो गई यारी
नन्हें-मुन्नों ने भी होली खेली।
चली रंगों की पिचकारी और तारी हो गई यारी
आ...आ...मैंने तो गुलाल लगा दिया।
चली रंगों की पिचकारी और तारी हो गई यारी
आओ...आओ मेरे पास भी गुलाल है।